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हिंसा मुक्त घर हर महिला का है अधिकार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sat, 18 Mar 2017 10:23 PM IST
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चंपावत में घरेलू हिंसा की गोष्ठी में विधिक जानकारी देते वकील।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय में घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के प्रावधानों की जानकारी देने के लिए दो दिनी कार्यशाला शुरू हो गई है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीडीओ हरगोविंद भट्ट ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि हिंसा मुक्त घर संसार हर महिला का अधिकार है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी कामिनी गुप्ता के संचालन में हुई कार्यशाला के पहले सत्र में नामिक अधिवक्ता आलोक पांडेय ने बाल विकास विभाग के सुपरवाइजरों और ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देते हुए बताया कि यह पहला कानून है जो महिलाओं के साथ घर के अंदर उसके अपने रिश्तेदारों द्वारा होने वाली हिंसा को पहचानता है और महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए फौरी और तात्कालिक राहत प्रदान करता है। उन्होंने संरक्षण आदेश का उल्लंघन करने पर दी जा सकने वाली सजाओं की जानकारी भी दी। कार्यशाला में सीएमओ डॉ. डीएल शाह ने घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को दी जाने वाली चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी दी। कार्यशाला में जिला समाज कल्याण अधिकारी पीसी जोशी, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी विद्याधर जोशी आदि मौजूद थे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी कामिनी गुप्ता के संचालन में हुई कार्यशाला के पहले सत्र में नामिक अधिवक्ता आलोक पांडेय ने बाल विकास विभाग के सुपरवाइजरों और ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देते हुए बताया कि यह पहला कानून है जो महिलाओं के साथ घर के अंदर उसके अपने रिश्तेदारों द्वारा होने वाली हिंसा को पहचानता है और महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए फौरी और तात्कालिक राहत प्रदान करता है। उन्होंने संरक्षण आदेश का उल्लंघन करने पर दी जा सकने वाली सजाओं की जानकारी भी दी। कार्यशाला में सीएमओ डॉ. डीएल शाह ने घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को दी जाने वाली चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी दी। कार्यशाला में जिला समाज कल्याण अधिकारी पीसी जोशी, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी विद्याधर जोशी आदि मौजूद थे।
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