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धौन-बडोली मार्ग की गलत सर्वे पर भड़के ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 26 Apr 2017 10:14 PM IST
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विकासखंड के धौन क्षेत्र में प्रस्तावित धौन-बडोली मार्ग की गलत सर्वे को लेकर ग्रामीण भड़क गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सर्वे में कई गांव और तोकों को शामिल नहीं किया गया है, जबकि इन गांवों को सड़क सुविधा की सख्त आवश्यकता है। ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय में अपर जिलाधिकारी हेमंत वर्मा को ज्ञापन सौंप प्रस्तावित सड़क की दुबारा से सर्वे किए जाने की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना था कि सर्वे में धौन से सात किमी दूरी पर स्थित स्वांला को जोड़ने के बाद बडोली को जोड़ा जा रहा है, जबकि प्रस्तावित सर्वे में मार्ग से मझेड़ा, अनुसूचित जाति बाहुल्य ठाड़ी तथा ध्यान गांवों से होते हुए सड़क को बडोली तक बनाया जाना था।
ग्रामीण लीलाधर भट्ट, दुर्गानंदन भट्ट, कुंवर सिंह, नारायण दत्त भट्ट आदि का कहना था कि मझेड़ा के ग्रामीण वर्षों से सड़क सुविधा की मांग उठाते आ रहे हैं, आज मांग पूरी होने का समय आया तो मझेड़ा को सड़क सर्वे से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने सड़क की दोबारा सर्वे न होने को ग्रामीणों के अधिकार छीनने जैसा बताया, प्रशासनिक स्तर पर इंसाफ न मिलने पर वह मामले को न्यायालय की शरण में ले जाएंगे।
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ग्रामीणों का कहना था कि सर्वे में धौन से सात किमी दूरी पर स्थित स्वांला को जोड़ने के बाद बडोली को जोड़ा जा रहा है, जबकि प्रस्तावित सर्वे में मार्ग से मझेड़ा, अनुसूचित जाति बाहुल्य ठाड़ी तथा ध्यान गांवों से होते हुए सड़क को बडोली तक बनाया जाना था।
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ग्रामीण लीलाधर भट्ट, दुर्गानंदन भट्ट, कुंवर सिंह, नारायण दत्त भट्ट आदि का कहना था कि मझेड़ा के ग्रामीण वर्षों से सड़क सुविधा की मांग उठाते आ रहे हैं, आज मांग पूरी होने का समय आया तो मझेड़ा को सड़क सर्वे से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने सड़क की दोबारा सर्वे न होने को ग्रामीणों के अधिकार छीनने जैसा बताया, प्रशासनिक स्तर पर इंसाफ न मिलने पर वह मामले को न्यायालय की शरण में ले जाएंगे।
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