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डूब क्षेत्र में आने वाले ग्रामीणों ने सशर्त अनापत्ति दी

Thu, 03 Aug 2017 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, लोहाघाट (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो, लोहाघाट (चंपावत)। Updated Thu, 03 Aug 2017 10:45 PM IST
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Villagers coming to the submerged area gave conditional no objection
बांध परियोजना को लेकर बैठक करते ग्रामीण - फोटो : amar ujala

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प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना में प्रभावित होने वाले विकास खंड बाराकोट और पाटी में ग्रामीणों की खुली बैठकें आयोजित की गई। इसमें प्रभावित वनाधिकार अधिनियम, प्रभावित वन पंचायत भूमि, ग्राम पंचायत के भूमिधरों की भूमि और अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में डूब क्षेत्र में आने वाले ग्रामीणों से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी मांगे गए। ग्रामीणों द्वारा सशर्त अनापत्ति प्रमाण पत्र दिए गए।

विकास खंड बाराकोट के ग्राम पंचायत छंदा के बेट्टा में प्रधान प्रकाश मेहता की अध्यक्षता और ग्राम विकास अधिकारी कैलाश चंद्र गड़कोटी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी राकेश नाथ गोस्वामी के संचालन में हुई बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने पर ही अनापत्ति दी जाएगी। पर्यवेक्षक वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक की देखरेख में हुई बैठक में ग्रामीणों ने प्रत्येक परिवार को जीवन यापन के लिए पांच एकड़ जमीन देने, प्रत्येक परिवार को सभी सुविधाओं से युक्त मकान, सिंचाई युक्त जमीन देने, जहां उन्हें मकान दिए जाएंगे, वहां विद्युत पेयजल, चौड़ी सड़क, अस्पताल, बच्चों की पढ़ाई के लिए अच्छे स्कूल हों, प्रभावित प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार सरकारी नौकरी देेने की मांग रखी। इस दौरान सुरेंद्र सिंह, शिवराज सिंह, नारायण सिंह, गणेश सिंह इंद्र सिंह आदि लोग थे।
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राजस्व निरीक्षक केएस धौनी ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा वन भूमि की अनापत्ति दी जा चुकी है।

इधर, विकास खंड पाटी के राजस्व गांव सूंगरखाल में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने सशर्त अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया गया। ग्राम प्रधान बसंती देवी की अध्यक्षता और ग्राम पंचायत अधिकारी रवींद्र गोस्वामी के संचालन में हुई बैठक में ग्रामीणोें ने मकान के बदले मकान और जमीन के बदले जमीन देने, जहां उन्हें विस्थापित किया जाए, वहां स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत, शिक्षा, पेयजल आदि बुनियादी सुविधाएं देने, प्रभावित परिवाराें के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने, पूरे गांव को एक साथ विस्थापित करने की मांग की। पर्यवेक्षक उरेडा के परियोजना अधिकारी ने बताया कि विस्थापित होने वाला प्रत्येक व्यक्ति, जिन्हें सरकार द्वारा राशनकार्ड, विभिन्न प्रकार की पेंशनें जो अनुमन्य हो, विस्थापित स्थानों पर स्थानांतरित कर दी जाएंगी। इस दौरान मदन अधिकारी, रूप सिंह, रमेश सिंह, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी प्रवीण भट्ट, राजस्व उप निरीक्षक दीपक साही, तारी लाल आदि मौजूद थे।
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