{"_id":"581b73764f1c1bad31437956","slug":"up-bihar-bro-missing-soldier","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीआरओ का जवान यूपी-बिहार से लापता ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीआरओ का जवान यूपी-बिहार से लापता
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Thu, 03 Nov 2016 10:57 PM IST
विज्ञापन
यूपी-बिहार से लापता बीआरओ का जवान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोहाघाट (चंपावत)। दीपावली की छुट्टी पर अपने घर आ रहे बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) के जवान का कोई पता नहीं चल सका। लापता जवान की पत्नी ने लोहाघाट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा पति को खोजने की मांग की है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 365 में गुमशुदगी दर्ज की है। दूसरे राज्य का मामला होने के चलते विवेचना ट्रांसफर करने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
बीआरओ अरुणाचल प्रदेश में कार्यरत ग्राम खूनाबोरा निवासी 54 वर्षीय त्रिलोक सिंह बोरा पिथौरागढ़ निवासी अपने साथी दीप मोहन के साथ दीपावली की छुट्टी पर घर आ रहे थे तो वह अचानक गायब हो गए। दीप ने बताया कि वह त्रिलोक के साथ 17 अक्तूबर को अरुणाचल प्रदेश से बरेली के लिए ट्रेन में बैठे थे। छपरा बिहार के पास दोनों ने रात का भोजन किया।
विज्ञापन
इसके बाद दोनों सो गए। अगले दिन जब गाजीपुर वाराणसी में वह उठे तो उन्हें त्रिलोक नहीं दिखाई दिए। उन्होंने उनकी खूब खोजबीन की लेकिन वह नहीं मिले। उन्होंने बताया कि लखनऊ और वाराणसी के बीच में त्रिलोक गायब हुए। उन्होंने लोहाघाट उनके घर आकर परिजनों को उनका सामान सौंपकर घटना की जानकारी दी।
विज्ञापन
इसके बाद उनके पुत्र प्रकाश सिंह और भतीजे दरबान सिंह ने 24 अक्तूबर को लखनऊ, वाराणसी, गाजीपुर आदि रेलवे स्टेशनों में उनकी ढूंढ़खोज की लेकिन त्रिलोक नहीं मिले। उनके दो लड़के, तीन लड़कियां हैं। पिता के एकाएक गायब होने से परिवार में कोहराम मचा है।
काफी ढूंढ़खोज के बाद कोई पता न लगने के बाद त्रिलोक की पत्नी सावित्री देवी ने दो नवंबर को लोहाघाट थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रभारी थानाध्यक्ष प्रेम विश्वकर्मा का कहना है कि पुलिस ने आईपीसी की धारा 365 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना बिहार छपरा का होने की वजह से विवेचना ट्रांसफर के लिए पुलिस मुख्यालय को पत्राचार किया जा रहा है।