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चंपावत में रोजाना नहीं हो रहे अल्ट्रासाउंड
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Thu, 21 Jul 2016 10:44 PM IST
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चंपावत में रोजाना नहीं हो रहे अल्ट्रासाउंड
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत। तमाम दावों के बाद भी जिला अस्पताल में सप्ताह के सभी दिन मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिला अस्पताल में प्रत्येक बृहस्पतिवार, शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को आयोजित शिविर में भारी भीड़ उमड़ी और रेडियोलॉजिस्ट एसएस त्रिपाठी के नेतृत्व में 25 मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए गए।
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जिला अस्पताल में प्रत्येक बृहस्पतिवार, शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। एक पखवाड़े पूर्व निदेशालय स्तर पर डॉक्टरों के सभी संबद्धीकरण निरस्त कर दिए गए थे। जिसके बाद सीएमओ डॉ. डीएल साह ने जिला अस्पताल में रोजाना अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने का दावा किया था लेकिन ऐसा हो नहीं सका। सीएमएस डॉ. आरके जोशी के अनुसार निदेशालय स्तर पर रेडियोलॉजिस्ट को दो माह के लिए सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज अटैच किया गया है। जिस कारण यहां रोजाना अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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चंपावत। जूप निवासी भाजपा नगर मंडल महामंत्री ने जिला अस्पताल में बाहर से दवाएं मंगाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बुधवार को स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह जिला अस्पताल में भर्ती हुए थे। इस दौरान उपचार के लिए दवाएं, इंजेक्शन आदि सभी बाहर के मेडिकल स्टोरों से मंगाए गए।
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आरोप है कि अस्पताल में न तो कैंटीन की व्यवस्था है और न ही महिला प्रसव के दौरान मिलने वाला मुफ्त भोजन ही मिल पा रहा है। अस्पताल में बाहरी व्यक्तियों द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जाता है। उधर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके जोशी ने बाहर से दवाएं मंगाने के आरोप को बेबुनियाद बताया।
उनका कहना है कि संबंधित मरीज को अत्यधिक मात्रा में दवा खाने से प्वॉइजनिंग हुई थी। जिसे तत्काल रिकवर करने की दवा अस्पताल में नहीं थी, इमरजेंसी में मरीज के जीवन को बचाने के लिए ही दवा बाहर से मंगाई गई थी। उनका कहना है कि पहले स्थानीय आधार पर जीवनरक्षक दवाओं की खरीद की जाती थी लेकिन निदेशालय के निर्देश पर लोकल परचेजिंग की सुविधा चार माह से बंद कर दी गई है। जिस कारण जिला अस्पताल में कई दवाओं की कमी है।