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सीमांत तल्लादेश क्षेत्र में पानी को हाहाकार
ब्यूरो /चंपावत
Updated Thu, 21 May 2015 11:19 PM IST
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नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। इस इलाके के लोग बीते पांच दिनों से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने तीन दिन के भीतर पेयजल संकट दूर नहीं होने पर जल संस्थान कार्यालय में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
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तल्लादेश के तामली, पोलप, बचकोट, हरम, रायलगांव, नीड़ आदि गांवों में 17 मई से पानी की दिक्कत पैदा हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता भुवन जोशी ने कहा कि यहां दो हजार से अधिक की आबादी पानी को तरस रही है। यहां के लोग गधेरों से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हरम-तामली पेयजल योजना और वितरण व्यवस्था में खामी के चलते लोग पानी संकट से जूझ रहे हैं। तीन दिन के भीतर पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर आंदोलन का अल्टीमेटम दिया गया है।
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प्लान में शामिल करें योजना मरम्मत का प्रस्ताव
चंपावत। यहां से करीब 45 किमी दूर बाली बेलखेत के लिए निर्मित पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने से लोगों के सामने पेयजल संकट पैदा हो गया है। प्रधान जानकी देवी, दीपक सिंह आदि ने कहा कि धन की कमी की वजह से क्षतिग्रस्त योजना की मरम्मत नहीं हो पा रही है। डीएम को ज्ञापन दे ग्रामीणों ने योजना की मरम्मत के लिए जिला प्लान से धन देने का आग्रह किया है। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
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