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12 साल में एक इंच भी नहीं सरकी रोड
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 01 Nov 2015 10:12 PM IST
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स्वांला-बड़ोली मार्ग को मंजूरी मिले तो 12 साल हो गए, लेकिन यह रोड एक इंच भी नहीं बन सकी है, इसे लेकर अब ग्रामीणों ने आंदोलन का रुख करने का एलान किया है। आंदोलन से पहले 22 नवंबर को बड़ोली के एड़ी देवता मंदिर में बैठक कर रूपरेखा तय की जाएगी।
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ग्राम प्रधान मोहनी देवी, दिनेश थ्वाल, प्रकाश थ्वाल आदि ग्रामीणों का कहना है कि 2000 से अधिक आबादी वाले इस गांव के लोग राज्य बनने से पहले से रोड की मांग उठाते रहे हैं। 2003 में रोड मंजूर भी हुई। 8.5 किलोमीटर लंबी यह प्रस्तावित रोड कभी लोक निर्माण विभाग को, तो कभी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पास जाती रही, लेकिन सड़क का काम अब भी शुरू नहीं हो सका है।
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ग्रामीणों का कहना है कि रोड बनने से बड़ोली के अलावा मझेड़ा, तोला, रीठा, पड़ंगा गांव को लाभ मिलेगा। ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के लिए प्राप्त अनुदान से 1 प्रतिशत धनराशि गांव की विकास समिति के स्रोत पर जमा करने का निर्णय लिया गया। बैठक में हेम चंद्र, एलडी सक्टा, रमेश चंद्र, धर्मानंद, खीमानंद, बंशीधर थ्वाल, प्रकाश, खीमानंद जोशी, इंद्र देव, लोकेश जोशी, राजेश थ्वाल, मनीराम आदि मौजूद थे।
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उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता बीसी पंत ने कहा कि 250 से अधिक की आबादी वाली रोड को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनाने के चलते इसे पीएमजीएसवाई को शिफ्ट किया गया।
जारी है वन अनापत्ति की प्रक्रिया
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना डिवीजन का कहना है कि स्वांला-बड़ोली मार्ग की वन अनापत्ति दूर की जा रही है। पेड़ों के लिए जमीन की तलाश पूरी हो चुकी है। अनापत्ति के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
लोकसभा चुनाव में हुआ था बहिष्कार
इस सड़क को लेकर गांव के लोग पिछले लोकसभा चुनाव का बहिष्कार भी कर चुके हैं। मई 2014 को हुए लोकसभा चुनाव में बड़ोली मतदान केंद्र में 513 मतदाताओं में से एक बूथ लेवल अफसर सहित कुल दो लोगों ने वोट डाला। तब जिला प्रशासन ने भी बड़ोली के लोगों को रोड निर्माण की बाधा जल्द दूर करने का भरोसा दिलाया था।