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कार्यस्थलों में गठित करें महिला सुरक्षा समिति
ब्यूरो /अमर उजाला, चंपावत
Updated Thu, 18 Jun 2015 11:05 PM IST
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राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा सरोजनी कैंत्यूरा ने बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पांच या उससे अधिक महिलाओं के सभी कार्यस्थलों पर महिला सुरक्षा समिति का गठन करें।
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उन्होंने समाज कल्याण, बाल विकास, पुलिस, शिक्षा, मनरेगा में कार्यरत महिलाओं, महिला हेल्पलाइन, महिला हिंसा रोकने के लिए सुरक्षा समितियों के गठन के निर्देश दिए। विकास भवन सभागार में हुई बैठक में आयोग अध्यक्षा ने जिले की बंजर भूमि पर लेमनग्रास उगाने, श्रम विभाग की योजनाओं से महिलाओं को जोड़ने पर बल दिया।
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उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न रोकने के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में महिला थाना खोलने के साथ हर थाने में महिला उपनिरीक्षक की तैनाती की जाएगी। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) का गठन कर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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साथ ही 12 ग्राम पंचायतों में 16 स्थानों में चाय बोर्ड के माध्यम से महिलाओं को रोजगार दिलाया जा रहा है। डीडीओ विवेक उपाध्याय ने बताया कि महिलाओं के लिए पांच लाख से अधिक दिनों का कार्य मुहैया कराया गया है।
कैंत्यूरा ने किशोरी शक्ति योजना को सशक्त बनाने, समय रहते मानदेय बांटने, महिला डाक्टरों की तैनाती, बालिका शौचालय बनवाने को कहा। बताया गया कि जिले में कार्यस्थल में महिलाओं के यौन उत्पीड़न का कोई मामला पुलिस तक नहीं पहुंचा है जबकि महिला आयोग से मिली 10 शिकायतों में से नौ का निस्तारण हुआ है।
वहां आयोग की उपाध्यक्षा अमिता लोहनी, सदस्य सचिव सुजाता, बीसूका समिति उपाध्यक्षा निर्मला गहतोड़ी, पीडी केएन तिवारी, एसीएमओ डा. रश्मि पंत, समाज कल्याण अधिकारी पीसी जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैली प्रजापति आदि अधिकारी, ग्रामीण महिलाएं थीं।