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टैंकर से बुझ रही प्यास
ब्यूराे/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Thu, 19 May 2016 11:17 PM IST
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टैंकर से बुझ रही प्यास
- फोटो : अमर उजाला
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लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट को देखते हुए ब्लॉक प्रमुख योगेश मेहता निजी संसाधनों से पानी बांट रहे हैं। उनकी ओर से प्रतिदिन 15 हजार लीटर पानी बांटा जा रहा है। बृहस्पतिवार को उनकी ओर से नगर के अलावा सेरीगैर, हथरंगिया, डाकबंगला रोड, खेतीखान तिराहे, पिथौरागढ़ रोड के अलावा रायनगर चौड़ी में टैंकर के जरिए जलापूर्ति की गई है।
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लोहाघाट (चंपावत)। नगर क्षेत्र में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हैं। लोग बूंद-बूंद के लिए मोहताज हो रहे हैं। नगर के लिए 1620 केएल पानी की प्रतिदिन आवश्यकता के सापेक्ष मात्र 450 केएल पानी ही उपलब्ध हो रहा है। जल संस्थान की ओर से तीन टैंकरों से नगर के मुख्य टैंक में लगातार पानी डाला जा रहा है, बावजूद इसके समस्या का समाधान करना टेढ़ीखीर हो गई है।
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नगर क्षेत्र की 7932 की आबादी हैंडपंपों, नौलों और गधेरों में निर्भर हो गई है। लोग सुबह से ही हैंडपंपों, नौलों में लाइन लगाने को मजबूर हैं। सभी वार्डों में चौथे या पांचवें दिन जलापूर्ति की जा रही है। 30 से 40 मिनट तक पानी लाइनों में चलने से कई लोगों के कनेक्शनों तक पहुंचता ही नहीं है। उस पर कुछ लोग टुल्लू पंप लगाकर सारा पानी खींच लेते हैं, लेकिन जल संस्थान ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
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गर्मी हो या बरसात नगर में हर समय पेयजल किल्लत बनी रहती है। बरसातों में भी लोगों को तीसरे ही दिन पानी दिया जाता रहा है। नगर क्षेत्र के अधिकांश लोग नर्सरी गधेेरे, अक्कल धारा के अलावा बलांई गधेरे और बाराकोट से वाहनों से पानी ढो रहे हैं।
पाटी (चंपावत)। पेयजल योजना के स्रोत में पर्याप्त पानी होने के बावजूद यहां की आधी आबादी पानी के लिए तरस गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जल संस्थान के अधिकारियों को पेयजल लाइनों में आई दिक्कत को दूर करने की मांग करते थक चुके हैं, लेकिन विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
आठ दिनों से मस्टा मंदिर कालोनी, स्टेशन बाजार, शास्त्री मार्केट, माराकोली आदि मोहल्लों में पानी की एक बूंद नहीं टपकी है। लोग रात-दिन हैंडपंपों में पानी के लिए बारी लगा रहे हैं। लगातार चलने से हैंडपंपों के जल स्तर में भी भारी कमी आ गई है। कमला देवी, चंद्रा लडवाल, शांति देवी, कैलाश भट्ट, संजय भट्ट, भुवन भट्ट, गीता देवी, कविता देवी, ज्योति उपाध्याय, रेखा भट्ट, राजेंद्र बोहरा, प्रवीण पाटनी, पान सिंह आदि का कहना है कि पानी होते हुए लोगों को न मिलना विभाग की कमियों को उजागर करता है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती का कहना है कि शीघ्र ही लाइनों को चेक कराकर उसमें आए अवरोध को दूर कर पेयजल आपूर्ति सुचारु की जाएगी।