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यो जड़ काटियो निगाली का, टूका में छिड़ काटया...
अमर उजाला ब्यूरो, लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Fri, 01 Sep 2017 10:45 PM IST
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जिंडी गांव में चल रहे गौरा महोत्सव में झोडों का गायन करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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लोहाघाट (चंपावत)।लोहाघाट विकासखंड के नेपाल सीमा से लगे जिंडी और सुंई गांव में गौरा महोत्सव की धूम मची हुई है। महिला और पुरुष झोड़ों का गायन कर मां गौरा-महेश की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। सुंई में महिलाओं द्वारा गौरा-महेश की पूजा-अर्चना की जा रही है।
रेवती देवी, गोविंदी देवी, निर्मला चौबे, सुशीला चौबे के नेतृत्व में महिलाओं द्वारा यो जड़ काटियो निगाली का, टूका में छिड़ काटया, टूका में छिड़ काट्या बाली भौजा, टूका में छिड़ काटया, बाबू का घर में कब-कब रूलौ, रौंरास दिन कटया आदि गीतों का गायन किया जा रहा है। आयोजन में माधवी, कमला, हेमा, मंजू, अमिता, गीता, लक्ष्मी, रेखा, पुष्पा, आशा, अंजलि, नीमा, दीपा सहयोग कर रही हैं।
इधर जिंडी गांव में महोत्सव के चौथे दिन मुख्य अतिथि सांसद प्रतिनिधि दीपक जोशी और विशिष्ट अतिथि खीम सिंह कुंवर, हीरा सिंह और सतीश जोशी ने गौरा-महेश का आशीर्वाद लिया। ग्राम प्रधान मदन कलौनी की अध्यक्षता और कल्याण चंद के संचालन में युवाओं, बुजुर्गों ने रामायण पर आधारित वनवास लीला का गायन किया। उन्होंने कौशल्या सासु तुम बसी रया, हम चल्यां वनवास, कैकैयी माता तुम बसी रया हम चल्यां वनवास, सुमित्री माता तुम बसी रया, दशरथ पिता तुम बसी रया। रामचंद्र स्वामी बनवास चल्या, संग में तनर लक्ष्मण सीता आदि गीतों का गायन किया।
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महिलाओं ने गौरा देवी की प्रतिमा के चारों ओर मांगलिक गीत गाए। उन्होंने झोड़े, चांचड़ी आदि की भी प्रस्तुति दी। महोत्सव में चंदी चंद, प्रताप चंद, हरक चंद, ललित तिवारी, प्रेम चंद, खीमा देवी, माया देवी, मुन्नी, जानकी देवी, पार्वती देवी, सरी देवी, बंसती देवी आदि मौजूद थे।
रेवती देवी, गोविंदी देवी, निर्मला चौबे, सुशीला चौबे के नेतृत्व में महिलाओं द्वारा यो जड़ काटियो निगाली का, टूका में छिड़ काटया, टूका में छिड़ काट्या बाली भौजा, टूका में छिड़ काटया, बाबू का घर में कब-कब रूलौ, रौंरास दिन कटया आदि गीतों का गायन किया जा रहा है। आयोजन में माधवी, कमला, हेमा, मंजू, अमिता, गीता, लक्ष्मी, रेखा, पुष्पा, आशा, अंजलि, नीमा, दीपा सहयोग कर रही हैं।
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इधर जिंडी गांव में महोत्सव के चौथे दिन मुख्य अतिथि सांसद प्रतिनिधि दीपक जोशी और विशिष्ट अतिथि खीम सिंह कुंवर, हीरा सिंह और सतीश जोशी ने गौरा-महेश का आशीर्वाद लिया। ग्राम प्रधान मदन कलौनी की अध्यक्षता और कल्याण चंद के संचालन में युवाओं, बुजुर्गों ने रामायण पर आधारित वनवास लीला का गायन किया। उन्होंने कौशल्या सासु तुम बसी रया, हम चल्यां वनवास, कैकैयी माता तुम बसी रया हम चल्यां वनवास, सुमित्री माता तुम बसी रया, दशरथ पिता तुम बसी रया। रामचंद्र स्वामी बनवास चल्या, संग में तनर लक्ष्मण सीता आदि गीतों का गायन किया।
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महिलाओं ने गौरा देवी की प्रतिमा के चारों ओर मांगलिक गीत गाए। उन्होंने झोड़े, चांचड़ी आदि की भी प्रस्तुति दी। महोत्सव में चंदी चंद, प्रताप चंद, हरक चंद, ललित तिवारी, प्रेम चंद, खीमा देवी, माया देवी, मुन्नी, जानकी देवी, पार्वती देवी, सरी देवी, बंसती देवी आदि मौजूद थे।