{"_id":"56faaca64f1c1be44af001c0","slug":"the-person-picker-wood-elephant-trampled-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"लकड़ी बीनने गए व्यक्ति को हाथी ने रौंदा, मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लकड़ी बीनने गए व्यक्ति को हाथी ने रौंदा, मौत
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
Updated Tue, 29 Mar 2016 10:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लकड़ी बीनने जंगल गए एक व्यक्ति को हाथी ने मार डाला। वन विभाग की सूचना पर खटीमा पुलिस ने शव को कब्जे में ले पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक के घर पर कोहराम मचा हुआ है।
बनबसा के भजनपुर में दुकान चलाने वाले हैंडपंप मिस्त्री राम सिंह (57) सोमवार को क्षेत्र के पश्चिमी छोर के जंगल में लकड़ी बीनने के लिए गए थे। देर सांय जब वो घर नहीं लौटे तो उसका बेटा राजेंद्र अपने साथियों के साथ पिता की तलाश में जंगल पहुंचा। वहां हाथियों के झुंड को देख वे जान बचाकर लौट आए। मंगलवार सुबह जब पिता की खोज में बेटा दोबारा जंगल गया तो उसे रजनागोठ के पास पिता की लाश मिली। प्रथम दृष्टया शव को देखकर लग रहा था उसे हाथियों ने रौंदा है। पूर्वी तराई वन प्रभाग खटीमा के रेंजर सुरेश चंद्र मैंदोला ने बताया कि घटना किलपुरा रेंज क्षेत्र में होने के कारण खटीमा पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराएगी।
हाथियों ने मारे टनकपुर-बनबसा के पांच लोग
टनकपुर में पिछले सात वर्षों में तीन लोग हाथियों के हमले में मारे गए हैं। 7 अक्तूबर 2009 को खेतखेड़ा निवासी महेश जोशी, 4 जनवरी 2013 को बेरागोठ निवासी लोकमणि जोशी, 25 मार्च 2013 को थ्वालखेड़ा निवासी प्रकाश पांडेय की मृत्यु हाथियों के रौंदने से हुई। बनबसा में वर्ष 1988 में फागपुर निवासी भगीराम को हाथियों ने मारा था। वर्ष 1993 में फागपुर निवासी लाटन सिंह की मौत भी खटीमा के पास जंगल में हाथियों के रौंदने से हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बनबसा के भजनपुर में दुकान चलाने वाले हैंडपंप मिस्त्री राम सिंह (57) सोमवार को क्षेत्र के पश्चिमी छोर के जंगल में लकड़ी बीनने के लिए गए थे। देर सांय जब वो घर नहीं लौटे तो उसका बेटा राजेंद्र अपने साथियों के साथ पिता की तलाश में जंगल पहुंचा। वहां हाथियों के झुंड को देख वे जान बचाकर लौट आए। मंगलवार सुबह जब पिता की खोज में बेटा दोबारा जंगल गया तो उसे रजनागोठ के पास पिता की लाश मिली। प्रथम दृष्टया शव को देखकर लग रहा था उसे हाथियों ने रौंदा है। पूर्वी तराई वन प्रभाग खटीमा के रेंजर सुरेश चंद्र मैंदोला ने बताया कि घटना किलपुरा रेंज क्षेत्र में होने के कारण खटीमा पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराएगी।
विज्ञापन
हाथियों ने मारे टनकपुर-बनबसा के पांच लोग
टनकपुर में पिछले सात वर्षों में तीन लोग हाथियों के हमले में मारे गए हैं। 7 अक्तूबर 2009 को खेतखेड़ा निवासी महेश जोशी, 4 जनवरी 2013 को बेरागोठ निवासी लोकमणि जोशी, 25 मार्च 2013 को थ्वालखेड़ा निवासी प्रकाश पांडेय की मृत्यु हाथियों के रौंदने से हुई। बनबसा में वर्ष 1988 में फागपुर निवासी भगीराम को हाथियों ने मारा था। वर्ष 1993 में फागपुर निवासी लाटन सिंह की मौत भी खटीमा के पास जंगल में हाथियों के रौंदने से हुई थी।
विज्ञापन