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इस साल के अंत तक पूरा हो सकेगा चंपावत का हैलीपैड

Sun, 26 Jun 2016 10:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Sun, 26 Jun 2016 10:14 PM IST
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The helipad will be completed by the end of this year Champawat
इस साल के अंत तक पूरा हो सकेगा चंपावत का हैलीपैड - फोटो : अमर उजाला

 मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि इस बार मानसूनी बारिश सामान्य से अधिक होगी। कम बारिश में सूखे का खतरा, तो ज्यादा बारिश राहत के बजाय आफत की बारिश में तब्दील होने का खतरा रहता है। इस जिले में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में सड़क संपर्क पर ब्रेक लगने से हवाई राहत मददगार होता, मगर इसके लिए जिले में एक भी हैलीपैड नहीं है। जो वक्त पर मददगार बन सके। जिले में पहला  हैलीपैड निर्माणाधीन है, लेकिन इसका काम अभी पूरा नहीं हो सका है।

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टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच में सुधारीकरण के बावजूद भूस्खलन का खतरा कम नहीं हुआ है। इसी माह चार बार रोड बंद हो चुकी है। इन हालातों के मद्देनजर आपदा में हैलीपैड की भूमिका महत्वपूर्ण होती। अभी इस जिले में एक भी हैलीपैड नहीं है। पिछले साल से चंपावत में सर्किट हाउस के पास 0.20 हेक्टेयर जमीन पर हैलीपैड निर्माण का काम शुरू हुआ। इसके लिए जमीन के समतलीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। बताया गया कि बरसात की वजह से काम रोका गया है। वहीं  कंक्रीट का काम होने के बाद हैलीपैड का काम पूरा हो जाएगा।
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उत्तराखंड  इमरजेंसी एसिस्टेंस प्रोजेक्ट (यूईएपी) के तहत शुरू इस हैलीपैड परियोजना को  नवंबर तक पूरा करने की बात कही गई है। जिला आपदा नियंत्रण अधिकारी मनोज  पांडेय ने बताया कि इस हैलीपैड में 2 चौपड़ और 1 एम-17 हवाई जहाज तीनों एक साथ उतर सकेंगे। इसका उपयोग आपदा में राहत से लेकर वीआईपी मूवमेंट और अन्य  गतिविधियों  के लिए किया जा सकेगा।
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हैलीपैड के रूप में उपयोग में आते हैं आठ मैदान
चंपावत  जिले में हैलीपैड तो नहीं है, लेकिन यहां सामान्य वक्त में आठ इलाकों के  मैदान का उपयोग हैलीपैड के रूप में होता है। जिला मुख्यालय में चंपावत का गोरलचौड़ मैदान, टनकपुर स्टेडियम, लोहाघाट जीआईसी, लोहाघाट डिग्री कॉलेज  मैदान, एबटमाउंट, चमदेवल, जीआईसी पाटी मैदान और जीआईसी देवीधुरा मैदान का उपयोग इस रूप में किया जाता है। इन हैलीपैडों का उपयोग मुख्य रूप से वीआईपी के आने पर होता है।


आपदा के नजरिए हैलीपैड को चिह्नित किए गए 16 जगह
आपदा के नजरिए से चंपावत जिले के 16 स्थानों को अस्थायी हैलीपैड के लिए उपयुक्त माने गए हैं। आपदा नियंत्रण विभाग के मुताबिक लोहाघाट, चौमेल, पुलहिंडोला, दिगालीचौड़, चमदेवल, मडलक, खेतीखान, पाटी, चौड़ामेहता, मंच, अमोड़ी, टनकपुर, रियासीबमन, चंपावत जीआईसी के अलावा चंपावत व टनकपुर जीजीआईसी के मैदानों को होगा।

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