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रत्तीभर भी आगे नहीं बढ़ी वन भूमि को लीज पर लेने की कवायद
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मां पूर्णागिरि धाम में इस तरह अस्थाई रूप से की जाती है पार्किंग की व्यवस्था। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : TANAKPUR
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चंपावत। मां पूर्णागिरि धाम के मेला क्षेत्र में आरक्षित वन भूमि को लीज पर लेने की कवायद बेहद सुस्त गति से चल रही है। लीज की पत्रावली में वन अनापत्ति नहीं मिल पाने से मामला चार साल से लटका हुआ है। भूमि लीज पर नहीं मिलने से मेले में तीर्थयात्रियों को पर्याप्त सुविधाएं देने में दिक्कत आ रही है।
मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में बूम से मुख्य मंदिर तक के 12 किलोमीटर हिस्से का 95 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र है। आरक्षित वन क्षेत्र में गैर वानिकी गतिविधियों पर 2010 से लगी रोक से जिला पंचायत को मेले के आयोजन में दुश्वारी हो रही है। इसे दूर करने के लिए जिला पंचायत ने 2018 में पूर्णागिरि क्षेत्र की 0.958 हेक्टेयर क्षेत्र वन भूमि को 30 साल की लीज पर लेने के लिए प्रस्ताव तैयार किया। जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय ने बताया कि इस जमीन का उपयोग अस्थायी यात्री शेड, पार्किंग, सरकारी कार्यालय, आवासीय व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविर, अस्थायी थाना, फायर स्टेशन आदि के लिए होना है लेकिन चार साल से अधिक बीतने के बावजूद लीज मामले में कोई खास प्रगति नहीं हो सकी। डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि लीज की पत्रावली को ऑनलाइन के लिए भेजा जा रहा है।
चुनाव आयोग से नहीं मिली इजाजत...
टनकपुर (चंपावत)। 19 मार्च से शुरू होने वाला मां पूर्णागिरि धाम का जिला पंचायत संचालित सरकारी मेले की व्यवस्था संबंधी ठेकों को लेकर असमंजस बना हुआ है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते ये ठेकें अभी तक नहीं हो सके हैं। इसे लेकर चुनाव आयोग से मांगी इजाजत भी अभी नहीं मिली है।
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2019 के बाद पहली बार मां पूर्णागिरि धाम का मेला तीन महीने तक चलेगा। कोरोना महामारी की वजह से ये मेला 2020 में एक सप्ताह और 2021 में एक माह से भी कम चला था। मेले के लिए पार्किंग, साइकिल स्टैंड, तहबाजारी, बाल मुंडन, टिनशेड, बिजली लाइन आदि के ठेके होने हैं लेकिन आचार संहिता की वजह से ये ठेके अभी नहीं हो सके हैं। डीएम विनीत तोमर का कहना है कि चुनाव आयोग की इजाजत मिलने के बाद ये निविदाएं निकाली जाएंगी। अगर अनुमति नहीं मिली, तो 12 मार्च को आचार संहिता खत्म होने के बाद अल्पकालिका निविदा निकाल व्यवस्थाओं को बहाल किया जाएगा।
प्राचीन धूनी स्थल के नव निर्माण का हुआ उद्घाटन
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में प्राचीन धूनी नव दुर्गा ज्योति दर्शन स्थल को आधुनिक रूप दिया गया है। शुक्रवार को डीएम विनीत तोमर ने इसका उद्घाटन किया। पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में तिवारी समुदाय के प्रतिनिधि पंडित उमा शंकर तिवारी और पांडे समुदाय के प्रतिनिधि पंडित मोहन पांडे ने बताया कि इस अखंड धूनी का धाम में विशेष महत्व है। अब तक ये धूनी दूसरे स्थान पर प्रज्वलित होती थी। आपदा की वजह से वह स्थान सुरक्षित नहीं था। इसलिए भैरव मंदिर के पास भवन का निर्माण किया गया है। वहां मंदिर समिति के उपाध्यक्ष नीरज पांडे, सचिव सुरेश तिवारी, कोषाध्यक्ष नवीन तिवारी, जगदीश तिवारी, नेत्र बल्लभ तिवारी एसडीएम हिमांशु कफल्टिया, जिला पंचायत के एएमए भगवत पाटनी आदि थे।
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मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में बूम से मुख्य मंदिर तक के 12 किलोमीटर हिस्से का 95 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र है। आरक्षित वन क्षेत्र में गैर वानिकी गतिविधियों पर 2010 से लगी रोक से जिला पंचायत को मेले के आयोजन में दुश्वारी हो रही है। इसे दूर करने के लिए जिला पंचायत ने 2018 में पूर्णागिरि क्षेत्र की 0.958 हेक्टेयर क्षेत्र वन भूमि को 30 साल की लीज पर लेने के लिए प्रस्ताव तैयार किया। जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय ने बताया कि इस जमीन का उपयोग अस्थायी यात्री शेड, पार्किंग, सरकारी कार्यालय, आवासीय व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविर, अस्थायी थाना, फायर स्टेशन आदि के लिए होना है लेकिन चार साल से अधिक बीतने के बावजूद लीज मामले में कोई खास प्रगति नहीं हो सकी। डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि लीज की पत्रावली को ऑनलाइन के लिए भेजा जा रहा है।
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चुनाव आयोग से नहीं मिली इजाजत...
टनकपुर (चंपावत)। 19 मार्च से शुरू होने वाला मां पूर्णागिरि धाम का जिला पंचायत संचालित सरकारी मेले की व्यवस्था संबंधी ठेकों को लेकर असमंजस बना हुआ है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते ये ठेकें अभी तक नहीं हो सके हैं। इसे लेकर चुनाव आयोग से मांगी इजाजत भी अभी नहीं मिली है।
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2019 के बाद पहली बार मां पूर्णागिरि धाम का मेला तीन महीने तक चलेगा। कोरोना महामारी की वजह से ये मेला 2020 में एक सप्ताह और 2021 में एक माह से भी कम चला था। मेले के लिए पार्किंग, साइकिल स्टैंड, तहबाजारी, बाल मुंडन, टिनशेड, बिजली लाइन आदि के ठेके होने हैं लेकिन आचार संहिता की वजह से ये ठेके अभी नहीं हो सके हैं। डीएम विनीत तोमर का कहना है कि चुनाव आयोग की इजाजत मिलने के बाद ये निविदाएं निकाली जाएंगी। अगर अनुमति नहीं मिली, तो 12 मार्च को आचार संहिता खत्म होने के बाद अल्पकालिका निविदा निकाल व्यवस्थाओं को बहाल किया जाएगा।
प्राचीन धूनी स्थल के नव निर्माण का हुआ उद्घाटन
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में प्राचीन धूनी नव दुर्गा ज्योति दर्शन स्थल को आधुनिक रूप दिया गया है। शुक्रवार को डीएम विनीत तोमर ने इसका उद्घाटन किया। पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में तिवारी समुदाय के प्रतिनिधि पंडित उमा शंकर तिवारी और पांडे समुदाय के प्रतिनिधि पंडित मोहन पांडे ने बताया कि इस अखंड धूनी का धाम में विशेष महत्व है। अब तक ये धूनी दूसरे स्थान पर प्रज्वलित होती थी। आपदा की वजह से वह स्थान सुरक्षित नहीं था। इसलिए भैरव मंदिर के पास भवन का निर्माण किया गया है। वहां मंदिर समिति के उपाध्यक्ष नीरज पांडे, सचिव सुरेश तिवारी, कोषाध्यक्ष नवीन तिवारी, जगदीश तिवारी, नेत्र बल्लभ तिवारी एसडीएम हिमांशु कफल्टिया, जिला पंचायत के एएमए भगवत पाटनी आदि थे।