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रक्त के लिए दौड़ नहीं लगेगी 

Mon, 19 Dec 2016 10:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत। Updated Mon, 19 Dec 2016 10:59 PM IST
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The blood will not run
ब्लड बैंक - फोटो : अमर उजाला

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 जिले में अगले एक महीने में ब्लड बैंक शुरू हो जाएगा। इसके लिए अड़चन बने लैब तकनीशियनों की तैनाती प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी। आउटसोर्सिंग के जरिए भरे जाने वाले इन तकनीशियनों की तैनाती के लिए मंगलवार को साक्षात्कार होंगे। ब्लड बैंक शुरू होने से खून की कमी से हर साल होने वाली 20 मौतें रुकेंगी साथ ही आवाजाही में खर्च होने वाले 10.75 लाख रुपए भी बचेंगे।
2012 में चंपावत जिला अस्पताल में 22 लाख रुपए की लागत से ब्लड बैंक भवन का निर्माण कराया गया था। लेकिन  इस भवन का कभी उपयोग नहीं हो सका। पैथोलॉजिस्ट से लेकर अन्य पद तो जिला अस्पताल में थे। लेकिन इसके लिए लैब तकनीशियन नहीं थे। पिछले माह स्वास्थ्य महानिदेशालय ने इन पदों के लिए हरी झंडी दी। राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सहायक परियोजना निदेशक डॉ. विनोद टोलिया ने बताया कि उपकरणों के लिए 36.91 लाख रुपए देने के अलावा लैब तकनीशियन के दो पदों को आउटसोर्सिंग से भरने को हरी झंडी देने के बाद अब ये अड़चन दूर हो गई है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि समिति के निर्देशों के अनुरूप इन लैब तकनीशियनों को आउटसोर्सिंग से रखने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मंगलवार को दोनों संविदा पदों के लिए साक्षात्कार लिए जाएंगे।
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दस लाख रुपए से अधिक बचत होगी 
जिले के पहाड़ी हिस्से के लोग रक्त के लिए 75 किमी दूर पिथौरागढ़ और मैदानी हिस्से टनकपुर-बनबसा के लोग करीब 85 किमी की दौड़ लगाते हैं। जिले के करीब 430 लोगों को सालभर में रक्त की जरूरत पड़ती है। सिर्फ खून के  लिए वाहन लेकर एक शख्स को औसतन 2500 रुपए आवाजाही आदि में ही खर्च करने  पड़ते हैं। साल भर में यहां के लोगों को 10.75 लाख रुपये खर्च करने को मजबूर होना पड़ता है। 
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भवन की मरम्मत भी कराई जाएगी
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके जोशी ने बताया कि महानिदेशालय से प्राप्त रकम से ब्लड बैंक के तमाम उपकरण रेफ्रिजरेटर, डोनर बेड, एलाइजर रीडर, रिएजेंट, किट, हीमोग्लोबिन मीटर, ब्लड बैंक भवन में एयर कंडिशनर, इंटरनेट के साथ कंप्यूटर प्रिंटर जल्द खरीद लिए जाएंगे। साथ ही जरूरत के मुताबिक ब्लड बैंक भवन में मरम्मत भी कराया जाना है। इस काम को पूरा करने के बाद भारत सरकार की टीम मौका मुआयना कर ब्लड बैंक संचालन का लाइसेंस जारी करेगी।
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