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मंदिर समिति कराएगी मुंडन और पार्किंग की व्यवस्था!
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ां पूर्णागिरि धाम में पथ प्रकाश के लिए बिजली के खंभे लगाते मजदूर। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : TANAKPUR
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पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के मेले में बाल मुंडन और पार्किंग की व्यवस्था में बड़ा बदलाव हो सकता है। अब तक ये दोनों व्यवस्थाएं ठेकेदार के द्वारा संचालित थी लेकिन इस मेले में प्रशासन दोनों व्यवस्थाओं को पूर्णागिरि मंदिर समिति के जरिये चलाने पर विचार कर रहा है।
मां पूर्णागिरि धाम में मुंडन की परंपरा रही है। इसके लिए धाम में अब तक बाल मुंडन के लिए ठेके की व्यवस्था थी। इसी तरह कार और अन्य वाहनों की पार्किंग का इंतजाम भी ठेकेदार के जिम्मे होता था। साल 2021 में बाल मुंडन के ठेके से 62.50 लाख और पार्किंग से 52 लाख रुपये की आय हुई लेकिन अब मेला प्रशासन इन दोनों व्यवस्थाओं का संचालन मंदिर समिति के जरिये कराने पर विचार कर रहा है। मेला मजिस्ट्रेट हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि इसे लेकर मंगलवार को मंदिर समिति अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी से वार्ता हुई है। निविदाओं और ठेकों को लेकर चुनाव आयोग की ओर से इजाजत नहीं मिलने से मेला शुरू होने में समय भी कम बचा है। ऐसे में ठेके के बजाय समिति की ओर से दोनों व्यवस्थाओं के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। बता दें कि पूर्णागिरि धाम का मेला 19 मार्च से शुरू हो रहा है। अभी टिनशेड, साइकिल स्टेंड, बिजली आपूर्ति से लेकर अन्य ठेके नहीं हो सके।
बल और बुद्धि का होता है लाभ
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में हर साल हजारों बच्चों का मुंडन होता है। धाम में मुंडन कराने को लेकर कई मान्यताएं हैं। पुरोहित उमाशंकर कुलेठा बताते हैं कि धाम में मुंडन संस्कार करने से बच्चों की बल, बुद्धि, आयु और तेज में वृद्धि होती है। धर्मस्थल में मुंडन कराने से देवस्थल के सूक्ष्म और सकारात्मक वातावरण से ये लाभ होता है।
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बिजली लाइन बिछाने का काम शुरू
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मेला शुरू होने में महज नौ दिन बाकी है। ऐसे में बिजली की लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने पथ प्रकाश और अन्य विद्युतीय व्यवस्थाओं को 17 मार्च तक चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए हैं।
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मां पूर्णागिरि धाम में मुंडन की परंपरा रही है। इसके लिए धाम में अब तक बाल मुंडन के लिए ठेके की व्यवस्था थी। इसी तरह कार और अन्य वाहनों की पार्किंग का इंतजाम भी ठेकेदार के जिम्मे होता था। साल 2021 में बाल मुंडन के ठेके से 62.50 लाख और पार्किंग से 52 लाख रुपये की आय हुई लेकिन अब मेला प्रशासन इन दोनों व्यवस्थाओं का संचालन मंदिर समिति के जरिये कराने पर विचार कर रहा है। मेला मजिस्ट्रेट हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि इसे लेकर मंगलवार को मंदिर समिति अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी से वार्ता हुई है। निविदाओं और ठेकों को लेकर चुनाव आयोग की ओर से इजाजत नहीं मिलने से मेला शुरू होने में समय भी कम बचा है। ऐसे में ठेके के बजाय समिति की ओर से दोनों व्यवस्थाओं के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। बता दें कि पूर्णागिरि धाम का मेला 19 मार्च से शुरू हो रहा है। अभी टिनशेड, साइकिल स्टेंड, बिजली आपूर्ति से लेकर अन्य ठेके नहीं हो सके।
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बल और बुद्धि का होता है लाभ
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में हर साल हजारों बच्चों का मुंडन होता है। धाम में मुंडन कराने को लेकर कई मान्यताएं हैं। पुरोहित उमाशंकर कुलेठा बताते हैं कि धाम में मुंडन संस्कार करने से बच्चों की बल, बुद्धि, आयु और तेज में वृद्धि होती है। धर्मस्थल में मुंडन कराने से देवस्थल के सूक्ष्म और सकारात्मक वातावरण से ये लाभ होता है।
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बिजली लाइन बिछाने का काम शुरू
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मेला शुरू होने में महज नौ दिन बाकी है। ऐसे में बिजली की लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने पथ प्रकाश और अन्य विद्युतीय व्यवस्थाओं को 17 मार्च तक चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए हैं।