Weather: पहाड़ी दरकने से थमे पहिये, मलबा आने से बंद हुआ टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे, घंटों फंसी रहीं दो शव यात्राएं
टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर स्वांला में पहाड़ी दरकने मलबा आ गया। इश दौरान पिथौरागढ़ और चंपावत लाए जा रहे दो शव घंटों फंसे रहे। राजस्व कर्मियों ने मजदूरों की मदद से एक शव को दो किमी पैदल पहाड़ी रास्ते से ढोकर सड़क की दूसरी तरफ पहुंचाया जबकि दूसरे शव को परिजन वापस लेकर हल्द्वानी होकर पिथौरागढ़ ले गए।
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स्वांला में पहाड़ी दरकने के कारण टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को दिनभर पहिये थमे रहे। पहाड़ और मैदान का सड़क संपर्क शनिवार रात साढ़े दस बजे से बंद है। शनिवार रात साढ़े दस बजे टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला में पहाड़ी दरकने मलबा आ गया। इससे राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
सुबह से शाम तक दोनों तरफ 150 से अधिक वाहन फंसे रहे। बाद में इन वाहनों और इसमें फंसे यात्रियों को प्रशासन ने वापस भेजा। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार रविवार दोपहर दो बजे बाद काम शुरू हुआ लेकिन बीच-बीच में मलबा आने से काम रोकना पड़ा। एनएच खंड के ईई सुनील कुमार ने बताया कि सड़क खोलने के लिए दो मशीनें लगाई गईं लेकिन देर शाम तक मलबा नहीं हटाया जा सका। सोमवार सुबह तक सड़क खुलने के आसार हैं।
एनएच बंद होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। टनकपुर और चंपावत की ओर से आवाजाही को रोक दिया गया। तहसीलदार ज्योति धपवाल ने मौका मुआयना कर तेजी से काम करने के एनएच खंड को निर्देश दिए। फंसे यात्रियों के लिए पानी और बिस्किट की व्यवस्था की गई। उधर, भारी मलबे से स्वांला में सड़क के 30 मीटर हिस्से के टूटने से सड़क के नीचे की सुरक्षा दीवार को भी नुकसान हुआ है।
पिथौरागढ़ और चंपावत लाए जा रहे दो शव भी घंटों फंसे रहे। राजस्व कर्मियों ने मजदूरों की मदद से एक शव को दो किमी पैदल पहाड़ी रास्ते से ढोकर सड़क की दूसरी तरफ पहुंचाया जबकि दूसरे शव को परिजन वापस लेकर हल्द्वानी होकर पिथौरागढ़ ले गए। चंपावत के बाजरीकोट की बसंती देवी (65) पत्नी लक्ष्मण राम की ऋषिकेश एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। एंबुलेंस से बसंती के शव को चंपावत लाया जा रहा था। बाद में चंपावत से गए पिकअप में शव को लाया गया।
वाहनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की
मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले वाहनों का मार्ग बदलने के बाद देवीधुरा होकर भेजा गया। आपातकालीन स्थिति में छोटे वाहनों को सूखीढांग-डांडा-मीडार (एसडीएम) मार्ग से भेजा गया है। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि एहतियातन टनकपुर में ककरालीगेट और चंपावत में कोतवाली और बनलेख के पास वाहनों को रोका गया है।
ककरालीगेट में रोके गए वाहन
रविवार सुबह से टनकपुर से पहाड़ की ओर आने वाली आवाजाही रोक दी गई। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि ककरालीगेट में पुलिस बैरियर के जरिये वाहनों को पहाड़ जाने से रोका गया। सिर्फ बस्टिया और सूखीढांग जाने वाले लोगों को परिचय पत्र दिखाकर आगे जाने की अनुमति दी गई।
लोहाघाट डिपो की रोडवेज की 12 बसें टनकपुर में फंसी
लोहाघाट (चंपावत)। स्वांला के पास पहाड़ी दरकने से रोडवेज सेवा पर असर पड़ा है। रविवार को रोडवेज की लोहाघाट से हल्द्वानी की एकमात्र बस चली लेकिन 23 किमी दूर स्वांला में यह बस भी फंस गई। लोहाघाट से एक भी बस का संचालन नहीं हुआ। वाहनों को पाटी-देवीधुरा होकर भेजा गया।
एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि लोहाघाट डिपो की रोडवेज की 12 बसें टनकपुर में फंसी हैं। इसमें दिल्ली से आ रही पांच बसें, देहरादून से आ रही तीन, बरेली से आ रहीं दो बसों समेत हल्द्वानी और काशीपुर से आ रही एक-एक बसें शामिल हैं। पिथौरागढ़ से मैदानी क्षेत्रों को जाने वाली बसों को चंपावत में रोक दिया गया।
बाद में कुछ बसें खेतीखान-देवीधुरा होकर हल्द्वानी रवाना हुई। सड़क बंद होने और रोडवेज बस का संचालन न होने से जरूरी काम से जाने वाली यात्रियों को परेशानी हुई। बस सेवा बाधित रहने से रोडवेज को पांच लाख रुपये से अधिक का झटका लगा।
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चंपावत और टनकपुर दोनों तरफ आवाजाही रोकी गई है। सिर्फ इमरजेंसी वाले छोटे वाहनों को ही सूखीढांग-डांडा-मीडार सड़क के उपयोग के लिए रीठा साहिब जाने की इजाजत दी गई है। बाकी वाहनों का संचालन पाटी, देवीधुरा होकर कराया जा रहा है। - देवेंद्र पींचा, एसपी, चंपावत।