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लॉकडाउन से चाय सेक्टर को झटका, कोलकाता नहीं भेजी जा सकी चाय

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 07 May 2020 12:13 PM IST
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Strong shok to champawat tea sector
चंपावत चाय फैक्ट्री में प्रोसेस होती चाय। - फोटो : AMAR UJALA
चंद्रशेखर जोशी, चंपावत। चंपावत की जैविक चाय का दूर-दूर तक नाम है। मगर इस बार लॉकडाउन ने चाय सेक्टर को भारी झटक दिया है। फैक्ट्री में चाय की प्रोसेसिंग में तो गिरावट आई ही है, साथ ही यहां से चाय को कोलकाता भेजने पर फिलहाल ग्रहण लग गया है। चाय नहीं भेज पाने से 27 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। जिले के सिलिंगटाक, छीड़ापानी, मुडिय़ानी, मौराड़ी, मझेड़ा, चौकी, मंच, सुयालखर्क, भगाना भंडारी, कालूखान, नरसिंहडांडा, गोसनी, लमाई, दुबडज़ैनल, खेतीखान आदि में 214 हेक्टेयर क्षेत्रफल चाय बागान में करीब 11 हजार किलोग्राम चाय का उत्पादन हो रहा है। अप्रैल से टी फैक्ट्री में इस चाय को प्रोसेस किया जाता है। टी फैक्ट्री के प्रभारी रूनी बताते हैं कि फैक्ट्री में चाय की हरी पत्ती को सुखाने व मढ़ाई के बाद ड्रायर मशीन से सूखाने के पश्चात ग्रेडिंग की जाती है। चाय की प्रोसेसिंग में भी लॉकडाउन का असर हुआ है। इस बार अप्रैल में सिर्फ आठ हजार किलो चाय प्रोसेस हुई है, जबकि पिछले साल इस अवधि में करीब 12 हजार किलो चाय प्रोसेस की गई थी। वहीं 9 हजार किलो तैयार चाय को कोलकाता नहीं भेजा जा सका है। चाय बोर्ड के चंपावत प्रभारी डेसमंड कहते हैं कि इस चाय से 27 लाख रुपये की आय होती। अलबत्ता अब इस चाय को हालात सामान्य होने के बाद ही भेजा जा सकेगा। ---: पहचान के साथ चाय दे रही रोजगार :-- चंपावत की चाय महक और स्वाद के लिए मशहूर है। ताजगी देने वाली यहां की चाय बेहतरीन स्वाद के साथ जैविक होने के चलते सेहतमंद भी है। चाय बोर्ड के चंपावत प्रभारी डेसमंड बर्कबेक बताते हैं कि यहां तैयार चाय में किसी भी तरह के केमिकल, टेनिन या कलर (सीटीसी) का प्रयोग नहीं होता। बागान से लेकर फैक्ट्री में प्रोसेसिंग तक यहां की चाय जैविक है। इस आर्थोडोक्स ब्लैक लीफ टी को उत्तराखंड राज्य जैविक प्रमाणन एजेंसी ने प्रमाणित भी किया है। कोलकाता चाय बोर्ड के जरिए 2014 से यहां की चाय दुनिया के कई देशों तक अपनी खुशबू बिखेर रही है। इस चाय से चंपावत जिले को पहचान के साथ ही 393 महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है। 2013 में चाय फैक्ट्री लगने के बाद 2014 से यहां की चाय नियमित रूप से कोलकाता में होने वाली नीलामी में हिस्सा ले रही है।
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चंपावत चाय फैक्ट्री। - फोटो : AMAR UJALA
चंपावत चाय फैक्ट्री।
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