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आफत बने बाजार में घूमते आवारा पशु
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर
Updated Sun, 27 Dec 2015 10:13 PM IST
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बाजार में घूमते आवारा जानवर न सिर्फ शहर की फिजा बिगाड़ रहे है, बल्कि उनके मुंह मारने से फल-सब्जी विक्रेताओं को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं बाजार में खरीदारी करते लोगों में भी इनके हमले का भय बना रहता है। नगर पालिका प्रशासन ने कांजी हाउस के लिए कई बार शहरी विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ।
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शहरों में दिनों-दिन बढ़ती आवारा पशुओं की संख्या लोगों के लिए आफत बन चुकी है। स्थिति यह है कि बाजार में खरीदारी करते वक्त लोगों को पशुओं के हमले से बचने की चिंता सताती है। इतना ही नहीं खरीदी सब्जी सुरक्षित ले जाना भी लोगों के लिए चुनौती बन गया है। आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए भाजपा की खंडूरी सरकार ने शहरों में कांजी हाउस बनाने की योजना तैयार की थी। तब नगर पालिकाओं से इसके प्रस्ताव भी मांगे गए। स्थानीय पालिका प्रशासन ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था, लेकिन यह योजना ही धरातल पर नहीं उतर पाई।
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पालिकाध्यक्ष लक्ष्मी पांडेय का कहना है कि शहर के पशुपालकों से पालिका द्वारा कई बार पशुओं को बाजार में आवारा न छोड़ने की अपील की जा चुकी है, लेकिन अपील का कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पशुओं पर अंकुश लगाने के लिए कांजी हाउस का निर्माण जरूरी है। पालिका प्रशासन इस समस्या का समाधान निकालने की योजना पर विचार कर रही है।
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