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स्पेशल मेसेंजर से आयुक्त के पास फाइल भेज रहे
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
Updated Tue, 03 Jan 2017 09:06 PM IST
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स्पेशल मेसेंजर से आयुक्त के पास फाइल भेज रहे
- फोटो : अमर उजाला
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वन विभाग के पास भूमि हस्तांतरण के आदेश न पहुंचने से टनकपुर-जौलजीबी सड़क निर्माण का कार्य लटक गया है। दरअसल म्यूटेशन (भूमि की अदला-बदली) की नोटिफिकेशन फाइल में कुमाऊं आयुक्त के हस्ताक्षर न हो पाने से वन विभाग के पास भूमि हस्तांतरण का आदेश नहीं पहुंच पाया है। कार्यदायी विभाग पीआईयू द्वारा अब बुधवार को स्पेशल मेसेंजर के जरिये फाइल आयुक्त के पास भेजी जा रही है।
चंपावत और पिथौरागढ़ जिले को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित टनकपुर-जौलजीबी सड़क निर्माण की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद निर्माण के लिए गठित अलग इकाई पीआईयू ने 28 दिसंबर को भूमि पूजन कर निर्माण शुरू कर दिया था, जिसे वन विभाग ने रोक दिया।
प्रभागीय वनाधिकारी एके गुप्ता के मुताबिक सड़क के लिए विभाग को अब तक भूमि हस्तांतरण के आदेश नहीं मिले हैं। इधर, पीआईयू के अधिशासी अभियंता बीसी पंत का कहना है कि सड़क निर्माण की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद ही सड़क का निर्माण शुरू किया गया है। दो जिलों का मामला होने से भूमि म्यूटेशन की नोटिफिकेशन फाइल को कुमाऊं आयुक्त की मंजूरी नहीं मिली पाई है। उन्होंने बताया कि बुधवार को विभाग द्वारा स्पेशल मेसेंजर के माध्यम से फाइनल आयुक्त के पास भेजी जा रही है। बहरहाल वन विभाग की रोक से सीमांत क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण इस मार्ग के निर्माण में वन विभाग के अड़ंगे ने निर्माण की शुरुआती तेजी में अवरोध पैदा कर दिया है।
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चंपावत और पिथौरागढ़ जिले को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित टनकपुर-जौलजीबी सड़क निर्माण की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद निर्माण के लिए गठित अलग इकाई पीआईयू ने 28 दिसंबर को भूमि पूजन कर निर्माण शुरू कर दिया था, जिसे वन विभाग ने रोक दिया।
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प्रभागीय वनाधिकारी एके गुप्ता के मुताबिक सड़क के लिए विभाग को अब तक भूमि हस्तांतरण के आदेश नहीं मिले हैं। इधर, पीआईयू के अधिशासी अभियंता बीसी पंत का कहना है कि सड़क निर्माण की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद ही सड़क का निर्माण शुरू किया गया है। दो जिलों का मामला होने से भूमि म्यूटेशन की नोटिफिकेशन फाइल को कुमाऊं आयुक्त की मंजूरी नहीं मिली पाई है। उन्होंने बताया कि बुधवार को विभाग द्वारा स्पेशल मेसेंजर के माध्यम से फाइनल आयुक्त के पास भेजी जा रही है। बहरहाल वन विभाग की रोक से सीमांत क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण इस मार्ग के निर्माण में वन विभाग के अड़ंगे ने निर्माण की शुरुआती तेजी में अवरोध पैदा कर दिया है।
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