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ट्रामा सेंटर को बना दिया जुआघर
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लोहाघाट के ट्रॉमा सेंटर में भले ही इलाज न मिल पा रहा हो लेकिन इस सेंटर के एक कमरे में इन दिनों ताश खेले जा रहे हैं। दिवाली नजदीक आते ही ताश खेले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से हड़कंप मच गया है लेकिन अस्पताल परिसर के भीतर चल रहे जुए से अस्पताल प्रशासन बेखबर है।
एक करोड़ रुपये से बना ट्रॉमा सेंटर भवन इलाज देने लायक तो नहीं है लेकिन इस सेंटर में जुए खेले जाने का मामला सामने आया है जो बेहद गंभीर है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पांच-छह लोग सेंटर के एक कमरे में ताश खेलते दिख रहे हैं।
ये लोग अस्पताल के हैं या बाहर के इसका खुलासा नहीं हो सका है। ट्रॉमा सेंटर भवन की खिड़की से बनाए गए इस वीडियो की ताश खेलने वालों को भी आहट थी। सुगबुगाहट होने पर ताश खेल रहे लोगों में से एक खिड़की तक देखने को भी आया।
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स्टाफ की कमी से अभी ये ट्रॉमा सेंटर उपयोग में भी नहीं आ रहा है। इस भवन में अल्ट्रासाउंड कक्ष, 108 सेवा कक्ष, आशा फेसिलिटेटर कक्ष और आइसोलेशन वार्ड बना हुआ है। इधर चिकित्साधीक्षक मंजीत सिंह का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। मामले का पता लगाकर जरूरी कदम उठाया जाएगा। वहीं सीएमओ आरपी खंडूरी का कहना है कि वीडियो की पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी सरकारी कार्यालय परिसर में ताश या अन्य किसी तरह की अवांछित गतिविधियां गंभीर हैं। वीडियो की जांच करा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस बात का भी पता लगाया जाएगा ट्रॉमा सेंटर में कब से ताश खेले जा रहे हैं। सुरेंद्र नारायण पांडेय, जिलाधिकारी, चंपावत।
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एक करोड़ रुपये से बना ट्रॉमा सेंटर भवन इलाज देने लायक तो नहीं है लेकिन इस सेंटर में जुए खेले जाने का मामला सामने आया है जो बेहद गंभीर है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पांच-छह लोग सेंटर के एक कमरे में ताश खेलते दिख रहे हैं।
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ये लोग अस्पताल के हैं या बाहर के इसका खुलासा नहीं हो सका है। ट्रॉमा सेंटर भवन की खिड़की से बनाए गए इस वीडियो की ताश खेलने वालों को भी आहट थी। सुगबुगाहट होने पर ताश खेल रहे लोगों में से एक खिड़की तक देखने को भी आया।
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स्टाफ की कमी से अभी ये ट्रॉमा सेंटर उपयोग में भी नहीं आ रहा है। इस भवन में अल्ट्रासाउंड कक्ष, 108 सेवा कक्ष, आशा फेसिलिटेटर कक्ष और आइसोलेशन वार्ड बना हुआ है। इधर चिकित्साधीक्षक मंजीत सिंह का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। मामले का पता लगाकर जरूरी कदम उठाया जाएगा। वहीं सीएमओ आरपी खंडूरी का कहना है कि वीडियो की पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी सरकारी कार्यालय परिसर में ताश या अन्य किसी तरह की अवांछित गतिविधियां गंभीर हैं। वीडियो की जांच करा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस बात का भी पता लगाया जाएगा ट्रॉमा सेंटर में कब से ताश खेले जा रहे हैं। सुरेंद्र नारायण पांडेय, जिलाधिकारी, चंपावत।