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बर्फबारी के कारण चांदी के मुकुट से सज गई हरीभरी धरती
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बर्फबारी के बीच चंपावत का नजारा। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत/लोहाघाट/पाटी। इस सीजन में लगातार दो दिन तक हुई बर्फबारी से क्षेत्र का बड़ा हिस्सा बर्फ की चादर में लिपट गया। दो इंच से पांच इंच तक बर्फ पड़ी। हिंगलादेवी, ललुवापानी, क्रांतेश्वर, मानेश्वर, चंपावत, लोहाघाट, देवीधुरा, खेतीखान, बाराकोट आदि में जमकर बर्फबारी हुई। कई जगह आवाजाही प्रभावित होने से जनजीवन भी अस्तव्यस्त हुआ लेकिन वहीं सैलानियों ने बर्फबारी का लुत्फ भी खूब उठाया।
बर्फबारी के दिलकश नजारे से सैलानी गदगद हो गए। बर्फबारी से किसानों और लोगों के चेहरे खिल गए। लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों ने को दोपहर बाद हुई बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया। लोग घरों की छतों और सड़कों में उतरकर बर्फ के गोले बनाकर एक दूसरे पर मारने लगे। अद्वैत आश्रम मायावती एबटमाउंट, देवीधुरा, देवीधार की पहाड़ियों में बर्फ का आनंद लेने के लिए लोग उमड़े। बच्चे भी बर्फ का गोला बनाकर एक-दूसरे पर मार करते नजर आए।
बर्फबारी से सेब के उत्पादन के लिए अनुकूल तापमान
चंपावत/लोहाघाट। कृषि विज्ञान केेंद्र के प्रभारी डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि दो दिनों तक हुए हिमपात से कृषि एवं बागवानी को नया जीवनदान मिला है। खेतों में पर्याप्त नमी है। बर्फबारी के कारण गेहूं और मटर की खेती को लाभ पहुंचेगा। मौसम साफ होने के बाद तापमान बढ़ने पर दोनों ही फसलों की ग्रोथ बढ़ेगी। बर्फबारी सेब उत्पादन के लिए उपयुक्त है। मौसम साफ होने के बाद किसान मटर, गेहूं, जई की फसलों में यूरिया का छिड़काव करें। जल संस्थान के ईई बिलाल यूनुस ने बताया कि बर्फबारी से प्राकृतिक जल स्रोतों रिचार्ज होंगे। इससे गर्मियों में भी पानी की कमी दूर हो सकेगी।
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बर्फबारी के बाद भी बुजुर्ग बरतें सावधानी
चंपावत। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि बुजुर्ग लोगों को कई तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ती है। नसें सिकुड़ने से रक्तचाप, हृदयगति से लेकर ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए बुजुर्ग लोग घर से बाहर न निकलें, ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े जरूर पहनें। गरम पानी से लेकर गरम तासीर का भोजन करें।
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बर्फबारी के दिलकश नजारे से सैलानी गदगद हो गए। बर्फबारी से किसानों और लोगों के चेहरे खिल गए। लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों ने को दोपहर बाद हुई बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया। लोग घरों की छतों और सड़कों में उतरकर बर्फ के गोले बनाकर एक दूसरे पर मारने लगे। अद्वैत आश्रम मायावती एबटमाउंट, देवीधुरा, देवीधार की पहाड़ियों में बर्फ का आनंद लेने के लिए लोग उमड़े। बच्चे भी बर्फ का गोला बनाकर एक-दूसरे पर मार करते नजर आए।
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बर्फबारी से सेब के उत्पादन के लिए अनुकूल तापमान
चंपावत/लोहाघाट। कृषि विज्ञान केेंद्र के प्रभारी डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि दो दिनों तक हुए हिमपात से कृषि एवं बागवानी को नया जीवनदान मिला है। खेतों में पर्याप्त नमी है। बर्फबारी के कारण गेहूं और मटर की खेती को लाभ पहुंचेगा। मौसम साफ होने के बाद तापमान बढ़ने पर दोनों ही फसलों की ग्रोथ बढ़ेगी। बर्फबारी सेब उत्पादन के लिए उपयुक्त है। मौसम साफ होने के बाद किसान मटर, गेहूं, जई की फसलों में यूरिया का छिड़काव करें। जल संस्थान के ईई बिलाल यूनुस ने बताया कि बर्फबारी से प्राकृतिक जल स्रोतों रिचार्ज होंगे। इससे गर्मियों में भी पानी की कमी दूर हो सकेगी।
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बर्फबारी के बाद भी बुजुर्ग बरतें सावधानी
चंपावत। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि बुजुर्ग लोगों को कई तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ती है। नसें सिकुड़ने से रक्तचाप, हृदयगति से लेकर ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए बुजुर्ग लोग घर से बाहर न निकलें, ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े जरूर पहनें। गरम पानी से लेकर गरम तासीर का भोजन करें।

बर्फबारी के बीच चंपावत शहर का विहंगंम नजारा। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : CHAMPAWAT