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बैरन के मन भाये श्याम, मो से खेलो ना होरी
ब्यूरो/अमर उजाला, पाटी
Updated Mon, 15 Feb 2016 10:37 PM IST
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ग्रामीण क्षेत्रों में वसंत ऋतु के आगमन के बाद बैठकी होली जारी है। प्रमुख होल्यार संगीत प्रवीण सीएस मौनी के आवास में हुई बैठकी होली की शुरुआत एमएन पचरुौली ने दीप जला कर की। उन्होंने ‘बैरन के मन भाये श्याम, मो से खेलो ना होरी’ गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति की। राग काफी में पंकज पचौली ने ‘आयो नवल बसंत सखि ऋतुराज कहायो’ गीत से ऋतुराज का स्वागत किया।
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इसी राग में सागर मौनी ने ‘मथुरा गये मोरे श्याम बीत चली आठों याम’ गीत की विरह प्रस्तुत की। सीएस मौनी ने राग बसंत धमार में आई बसंत ऋतु खेलें धमार गीत प्रस्तुत किया। वहीं ललित सोराड़ी ने जंगलकाफी में ‘श्याम बिना नहीं, चैन री सखी, एमसी भट्ट ने राग देश में ‘चलो री सखि सब होली खेलन को तट यमुना की ओर, अंत में सीएस मौनी ने राग भैरवी में ‘आज अलबेली चली वो तो अपने पिया को मनाने चली’ गीत से होली का समापन किया। तबले में संगत प्रियांशु, सागर, दीपक, अंकित सौरव ने की। जबकि रबीश पचौली, हरीश जोशी, आरएल पांडेय, पंकज, अभिषेक, विजय, अजय आदि लोगों ने सुर में सुर मिलाकर महफिल को रंगीन बनाए रखा।
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