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शारदा से खनिज निकासी खुली, कारोबारियों का बहिष्कार
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर
Updated Tue, 01 Dec 2015 09:59 PM IST
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शारदा से खनिज निकासी मंगलवार से खुल गई है, लेकिन कारोबारियों ने भंडारण की अनुुमति नहीं मिलने से निकासी का विरोध कर दिया। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर खनिज भंडारण की अनुुुमति ही नहीं दी गई है तो फिर वे निकासी कर खनिज सामग्री कहां डालेंगे। बहरहाल खनन कारोबारियों ने क्षेत्रीय विधायक के नेतृत्व में देहरादून जाकर मामला मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का निर्णय लिया है।
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बैराज के डाउन स्ट्रीम निकासी गेट पर पूजा-अर्चना के बाद एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने फीता काटकर निकासी गेट का शुभारंभ किया, लेकिन वहां मौजूद खनन कारोबारी ने शक्तिमान ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष योगी ज्याल के नेतृत्व में निकासी का विरोध कर दिया। उन्होंने उद्घाटन के लिए गेट पर खड़े किए गए खनिज सामग्री से भरे शक्तिमान ट्रक को खाली करा दिया। एसोसिएशन अध्यक्ष योगी ज्याल का कहना है कि गत वर्षों तक डीएम और एसडीएम के स्तर से खनिज भंडारण के लिए लाइसेंस के नवीनीकरण की व्यवस्था थी, लेकिन इस बार नई खनन नीति के तहत कारोबारियों को निजी स्तर पर भंडारण की अनुमति नहीं दी गई है।
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ऐसे में निकाली गई खनिज सामग्री का भंडार वे कहां करेंगे। इसके अलावा अप स्ट्रीम में एक ही तौल कांटा होने से निकासी में खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। उनकी मांग है कि एक और तौल कांटा लगाया जाएगा। इधर, खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि शासन से 19 लाख घन मीटर खनिज निकासी की अनुुमति मिली है। खनिज सामग्री की कीमत अब 23 रुपये से घटाकर 20 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। इस मौके पर वन निगम के डीएसएम महेश आर्या भी मौजूद थे।
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राज्य में नई खनिज भंडारण नीति के तहत खनिज भंडारण सिर्फ खनन पट्टा या फिर स्टोन क्रसर लाइसेंस धारक ही कर सकता है। शासन ने वन निगम को खनिज स्टाक की अनुमति दी है, लेकिन निगम अब तक भंडारण की पालिसी तय नहीं कर पाया है। खनिज निकासी में अवरोध से हो रही राजस्व की क्षति की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। -नरेश दुुर्गापाल, उप जिलाधिकारी, टनकपुर।