{"_id":"58ecfe6b4f1c1b791ecf4f07","slug":"sharada-barrage-can-be-found-in-uttarakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"शारदा बैराज मिला तो नुकसान उठा सकता है उत्तराखंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शारदा बैराज मिला तो नुकसान उठा सकता है उत्तराखंड
विनोद काला/अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)
Updated Tue, 11 Apr 2017 10:09 PM IST
विज्ञापन
शारदा नहर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे पर बातचीत आगे बढ़ने से उत्तराखंड को खासे फायदे की उम्मीद है। इसके उलट, शारदा बैराज के उत्तराखंड में आने से राज्य को नुकसान हो सकता है।
माना जा रहा है कि अभी शारदा बैराज और नहरी भूमि लेने में उत्तराखंड को सिवाय नुकसान के कुछ नहीं मिलेगा। शारदा नहर से यूपी में सिंचाई होती है। उत्तराखंड में नाममात्रसिंचाई की जाती है। शारदा बैराज और हेड रेगुलेटर को लेने में उसके रखरखाव पर होने वाला प्रतिवर्ष करोड़ों का खर्च राज्य को वहन करना पड़ सकता है। उत्तराखंड में शारदा बैराज और करीब 2000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर आज भी यूपी का ही अधिकार है। यूपी सिंचाई विभाग शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बीएस यादव ने बताया कि बनबसा में शारदा बैराज, उससे निकली सिंचाई नहर, कार्यालय, आवासीय परिसर के अलावा वन क्षेत्र और बागान की कुल मिलाकर 2209.94 हेक्टेयर भूमि पर यूपी सिंचाई विभाग का अधिकार है।
इसमें 93.83 हेक्टेयर भूमि पर शारदा बैराज, आवासीय परिसर, 909.75 हेक्टेयर भूमि पर वन, बागान, अवैध कब्जे और 1206.36 हेक्टेयर भूमि शारदा नहर में प्रयुक्त की गई है। इसके अलावा 224.60 हेक्टेयर भूमि यूएस नगर जिले में नहर में प्रयुक्त की गई है। इसके अलावा वर्ष 2000 से बागान, मछली ठेका आदि से प्राप्त करीब 5 करोड़ की राशि दोनों राज्यों के संयुक्त खाते में जमा है।
विज्ञापन
शारदा हेडवर्क्स के बैराज अटैंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि बनबसा से निकली शारदा नहर की रायबरेली तक लंबाई लगभग 550 किमी है। इससे यूपी के 2208000 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती है। नहर की लोड क्षमता 11500 क्यूसेक है, लेकिन इन दिनों शारदा नदी में 5611 क्सूसेक पानी होने से नहर में 5457 क्यूसेक और नेपाल चैनल में 154 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि अभी शारदा बैराज और नहरी भूमि लेने में उत्तराखंड को सिवाय नुकसान के कुछ नहीं मिलेगा। शारदा नहर से यूपी में सिंचाई होती है। उत्तराखंड में नाममात्रसिंचाई की जाती है। शारदा बैराज और हेड रेगुलेटर को लेने में उसके रखरखाव पर होने वाला प्रतिवर्ष करोड़ों का खर्च राज्य को वहन करना पड़ सकता है। उत्तराखंड में शारदा बैराज और करीब 2000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर आज भी यूपी का ही अधिकार है। यूपी सिंचाई विभाग शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बीएस यादव ने बताया कि बनबसा में शारदा बैराज, उससे निकली सिंचाई नहर, कार्यालय, आवासीय परिसर के अलावा वन क्षेत्र और बागान की कुल मिलाकर 2209.94 हेक्टेयर भूमि पर यूपी सिंचाई विभाग का अधिकार है।
विज्ञापन
इसमें 93.83 हेक्टेयर भूमि पर शारदा बैराज, आवासीय परिसर, 909.75 हेक्टेयर भूमि पर वन, बागान, अवैध कब्जे और 1206.36 हेक्टेयर भूमि शारदा नहर में प्रयुक्त की गई है। इसके अलावा 224.60 हेक्टेयर भूमि यूएस नगर जिले में नहर में प्रयुक्त की गई है। इसके अलावा वर्ष 2000 से बागान, मछली ठेका आदि से प्राप्त करीब 5 करोड़ की राशि दोनों राज्यों के संयुक्त खाते में जमा है।
विज्ञापन
शारदा हेडवर्क्स के बैराज अटैंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि बनबसा से निकली शारदा नहर की रायबरेली तक लंबाई लगभग 550 किमी है। इससे यूपी के 2208000 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती है। नहर की लोड क्षमता 11500 क्यूसेक है, लेकिन इन दिनों शारदा नदी में 5611 क्सूसेक पानी होने से नहर में 5457 क्यूसेक और नेपाल चैनल में 154 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।