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एसबीआई ने बांटे चार करोड़ रुपये
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Thu, 19 Apr 2018 10:49 PM IST
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चंपावत एसबीआई में रकम निकालने आए ग्राहक।
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़ से 12 करोड़ रुपये मिलने के बाद तमाम बैंकों के साथ ही आम लोगों ने भी राहत की सांस ली। इस रकम के मिलने से फौरी तौर पर लोगों को काफी मिली है। बृहस्पतिवार को भारतीय स्टेट बैंक ने रकम बांटने का काम शुरू किया। पहले ही दिन चार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खत्म हो गई। शेष बचे आठ करोड़ रुपये एक सप्ताह के लिए पर्याप्त होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि एसबीआई ने रिजर्व बैंक से एक बार फिर धनराशि देने का अनुरोध किया है।
बृहस्पतिवार को एसबीआई ने तमाम बैंकों और एटीएम में डालने के लिए रकम बांटने का काम शुरू किया। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक एनआर जौहरी ने बताया कि एसबीआई लोहाघाट और ग्रामीण बैंक चंपावत को एक-एक करोड़ रुपये की धनराशि दी गई। इसके अलावा जिला सहकारी बैंक की चंपावत शाखा को 50 लाख रुपये दिए गए। कैनरा बैंक को नौ लाख रुपये की रकम मिली। जबकि एसबीआई की पाटी शाखा को 50 लाख, खेतीखान को 30 लाख और पुल्ला को 35 लाख रुपये दिए गए। साथ ही आउट सोर्सिंग कंपनी को तमाम एटीएम में रकम डालने को 12 लाख रुपये दिए गए।
एसबीआई के उप प्रबंधक निर्मल भट्ट का कहना है कि बची रकम एक सप्ताह के लिए ही पर्याप्त होगी। उनका कहना है कि रिजर्व बैंक से दो सौ करोड़ रुपये की मांग की गई है। धनराशि मिलने के बाद नकदी संकट की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व पांच मार्च को बैंक को 30 करोड़ रुपये की धनराशि मिली थी। इसके बाद 13 मार्च को बैंक को 14.60 करोड़ रुपये की धनराशि फिर मिली। जबकि 10 अप्रैल को टनकपुर शाखा से 3.50 करोड़ रुपये हासिल किए। बैंक को उम्मीद है कि पिथौरागढ़ से मिले 12 करोड़ रुपये खत्म होने से पूर्व रिजर्व बैंक से रकम मिल सकेगी।
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अधिकतर एटीएम खुलने से राहत मिली
चंपावत। चार दिन तक बंद रहने के बाद जिला मुख्यालय के तकरीबन सभी एटीएम बृहस्पतिवार को खुले नजर आए। तमाम बैंकों और आउटसोर्सिंग कंपनियों को रकम मुहैया होने से एटीएम से रकम निकलने लगी। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। एसबीआई के मुख्य एटीएम के अलावा कलक्ट्रेेट , शांत बाजार, एसएसबी और गोरलचौड़ रोड स्थित एसबीआई के एटीएम, यूनियन बैंक, कैनरा, यूनियन बैंक, यूको, आईडीबीआई, के एटीएम खुले रहे।
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बृहस्पतिवार को एसबीआई ने तमाम बैंकों और एटीएम में डालने के लिए रकम बांटने का काम शुरू किया। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक एनआर जौहरी ने बताया कि एसबीआई लोहाघाट और ग्रामीण बैंक चंपावत को एक-एक करोड़ रुपये की धनराशि दी गई। इसके अलावा जिला सहकारी बैंक की चंपावत शाखा को 50 लाख रुपये दिए गए। कैनरा बैंक को नौ लाख रुपये की रकम मिली। जबकि एसबीआई की पाटी शाखा को 50 लाख, खेतीखान को 30 लाख और पुल्ला को 35 लाख रुपये दिए गए। साथ ही आउट सोर्सिंग कंपनी को तमाम एटीएम में रकम डालने को 12 लाख रुपये दिए गए।
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एसबीआई के उप प्रबंधक निर्मल भट्ट का कहना है कि बची रकम एक सप्ताह के लिए ही पर्याप्त होगी। उनका कहना है कि रिजर्व बैंक से दो सौ करोड़ रुपये की मांग की गई है। धनराशि मिलने के बाद नकदी संकट की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व पांच मार्च को बैंक को 30 करोड़ रुपये की धनराशि मिली थी। इसके बाद 13 मार्च को बैंक को 14.60 करोड़ रुपये की धनराशि फिर मिली। जबकि 10 अप्रैल को टनकपुर शाखा से 3.50 करोड़ रुपये हासिल किए। बैंक को उम्मीद है कि पिथौरागढ़ से मिले 12 करोड़ रुपये खत्म होने से पूर्व रिजर्व बैंक से रकम मिल सकेगी।
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अधिकतर एटीएम खुलने से राहत मिली
चंपावत। चार दिन तक बंद रहने के बाद जिला मुख्यालय के तकरीबन सभी एटीएम बृहस्पतिवार को खुले नजर आए। तमाम बैंकों और आउटसोर्सिंग कंपनियों को रकम मुहैया होने से एटीएम से रकम निकलने लगी। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। एसबीआई के मुख्य एटीएम के अलावा कलक्ट्रेेट , शांत बाजार, एसएसबी और गोरलचौड़ रोड स्थित एसबीआई के एटीएम, यूनियन बैंक, कैनरा, यूनियन बैंक, यूको, आईडीबीआई, के एटीएम खुले रहे।