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मोहन रायल ने पकड़ी 14 किलो की मछली
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Tue, 25 Oct 2016 09:14 PM IST
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पंचेश्वर की काली नदी में मत्स्य आखेट उत्सव में मछली पकड़ने के लिए जाल डालता एक मत्स्य आखेटक।
- फोटो : अमर उजाला
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नेपाल सीमा से लगे पंचेश्वर में सरयू और महाकाली नदी के संगम में अंतरराष्ट्रीय एंगलिंग (मत्स्य आखेट) मीट जारी है। इसमें देश-विदेश के एंगलरों द्वारा प्रतिभा का प्रदर्शन किया जा रहा है। मंगलवार को दूसरे दिन मोहन रायल ने 14 किलो की मछली पकड़ी।
फिसिंग और रेस्क्यू में सहयोग कर रहे पंचेश्वर फिसिंग रिट्रीट के अध्यक्ष राज गड़कोटी ने बताया कि एंगलिंग में मोहन रावल ने 14 किलो वजनी मछली पकड़ी। मणिपुर के कर्नल एस शर्मा ने पांच किलो और प्रशांत बिष्ट ने चार किलो की मछली पकड़ी।
नौसेना के रिटायर्ड एडमिरल डीके जोशी ने सबसे अधिक आठ मछलियां पकड़ी। साथ ही पैट्रिक थामस ने पांच, जहांगीर वकील ने चार, महिपाल ने दो मछली जहांगीर वकील ने चार मछलियां पकड़ी। इन मछलियों का वजन करीब चार से पांच किलो था। एंगलिंग में जर्मनी, फ्रांस और भारत के 15 मत्स्य आखेटक हिस्सा ले रहे हैं। एंगलरों ने मछलियों का वजन आदि लेकर उन्हें नदी में छोड़ दिया। मत्स्य आखेटकों का कहना है कि यह स्थान एंगलिंग के लिए बहुत शानदार है।
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फिसिंग और रेस्क्यू में सहयोग कर रहे पंचेश्वर फिसिंग रिट्रीट के अध्यक्ष राज गड़कोटी ने बताया कि एंगलिंग में मोहन रावल ने 14 किलो वजनी मछली पकड़ी। मणिपुर के कर्नल एस शर्मा ने पांच किलो और प्रशांत बिष्ट ने चार किलो की मछली पकड़ी।
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नौसेना के रिटायर्ड एडमिरल डीके जोशी ने सबसे अधिक आठ मछलियां पकड़ी। साथ ही पैट्रिक थामस ने पांच, जहांगीर वकील ने चार, महिपाल ने दो मछली जहांगीर वकील ने चार मछलियां पकड़ी। इन मछलियों का वजन करीब चार से पांच किलो था। एंगलिंग में जर्मनी, फ्रांस और भारत के 15 मत्स्य आखेटक हिस्सा ले रहे हैं। एंगलरों ने मछलियों का वजन आदि लेकर उन्हें नदी में छोड़ दिया। मत्स्य आखेटकों का कहना है कि यह स्थान एंगलिंग के लिए बहुत शानदार है।
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