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जिला अस्पताल चंपावत से रेफर, निजी अस्पताल में मिला इलाज
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जिला अस्पताल से रेफर जगदीश सिंह का निजी अस्पताल में चल रहा इलाज। संवाद
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। घुटने की तकलीफ से परेशान एक ग्रामीण का चंपावत जिला अस्पताल में इलाज नहीं हो सका। अस्पताल ने उन्हें रेफर किया जिस कारण चंपावत के निजी अस्पताल में ऑपरेशन से उसका इलाज हो गया। बीमार के तीमारदार ने इलाज में हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
यहां से 29 किमी दूर खेतीखान के एक गांव के जगदीश सिंह (50) कई दिनों से घुटने के दर्द से परेशान थे। उनके एक रिश्तेदार सेवानिवृत्त फौजी राम सिंह मनराल 10 नवंबर को जगदीश सिंह को जिला अस्पताल ले आए। मनराल का कहना है कि एक्सरे की जांच के बाद जगदीश को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन परेशानी को देखते हुए मरीज को हल्द्वानी के बजाय यहां एक निजी अस्पताल ले गए। शुक्रवार शाम निजी अस्पताल में ऑपरेशन हो गया।
पूर्व फौजी का कहना है कि छह करोड़ रुपये से अधिक के जिला अस्पताल भवन में कई विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित 30 से अधिक डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ है। सरकार अस्पताल में बेहतर इलाज का दावा कर रही है लेकिन मामूली इलाज भी यहां नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि इस मामले को मुख्यमंत्री के भविष्य में होने वाले चंपावत दौरे में उठाया जाएगा।
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जिला अस्पताल की ओर से इलाज में कोताही नहीं की गई है। सर्जरी की सुविधा नहीं होने से जगदीश सिंह को हल्द्वानी रेफर किया गया था। -डॉ. एचएस ऐरी, पीएमएस, जिला अस्पताल।
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यहां से 29 किमी दूर खेतीखान के एक गांव के जगदीश सिंह (50) कई दिनों से घुटने के दर्द से परेशान थे। उनके एक रिश्तेदार सेवानिवृत्त फौजी राम सिंह मनराल 10 नवंबर को जगदीश सिंह को जिला अस्पताल ले आए। मनराल का कहना है कि एक्सरे की जांच के बाद जगदीश को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन परेशानी को देखते हुए मरीज को हल्द्वानी के बजाय यहां एक निजी अस्पताल ले गए। शुक्रवार शाम निजी अस्पताल में ऑपरेशन हो गया।
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पूर्व फौजी का कहना है कि छह करोड़ रुपये से अधिक के जिला अस्पताल भवन में कई विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित 30 से अधिक डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ है। सरकार अस्पताल में बेहतर इलाज का दावा कर रही है लेकिन मामूली इलाज भी यहां नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि इस मामले को मुख्यमंत्री के भविष्य में होने वाले चंपावत दौरे में उठाया जाएगा।
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जिला अस्पताल की ओर से इलाज में कोताही नहीं की गई है। सर्जरी की सुविधा नहीं होने से जगदीश सिंह को हल्द्वानी रेफर किया गया था। -डॉ. एचएस ऐरी, पीएमएस, जिला अस्पताल।