फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Reatha Sahib's fair postponed

रीठा साहिब गुरुद्वारे के इतिहास में पहली बार नहीं होगा जोड़ मेला

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2020 02:11 PM IST
विज्ञापन
Reatha Sahib's fair postponed
बाबा तरसेम सिंह। - फोटो : AMAR UJALA
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। दुनियाभर में मशहूर रीठा साहिब गुरुद्वारे के इतिहास में पहली बार जोड़ मेला नहीं होगा। गुरुद्वारा प्रबंध समिति ने ये फैसला लिया है।
विज्ञापन
कोविड-19 के चलते ये नौबत आई है। तीन दिन तक चलने वाला यह मेला इस बार 3 जून से 5 जून तक होना था। मेले में देशभर से दो लाख से अधिक श्रद्धालु गुरु के दरबार में मत्था टेकते हैं। चंपावत से 75 किलोमीटर दूर रीठा साहिब सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी की साधना और चमत्कारों का समागम रहा है। लधिया व रतिया नदी के संगम पर स्थित रीठा साहिब को यह गुरुद्वारा देश-विदेश में पहचान दिलाता है।
विज्ञापन
बुद्ध पूर्णिमा के दौरान तीन दिन तक चलने वाले जोड़ मेले में ही दो लाख से लोग शीश नवाते हैं। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी ने कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार जोड़ मेला नहीं करने का एलान किया है। मेला नहीं होने से यहां के सैकड़ों कारोबारियों को भारी आर्थिक चपत लगेगी। लोगों का कहना है कि 22 मार्च से रीठा साहिब में कारोबारी गतिविधियां ठप है और अब मेला न होने से इस अवधि में होने वाली 10 हजार से 50 हजार रुपये तक की आमदनी पर भी मार पड़ी है। गुरुद्वारा के बाबा श्याम सिंह बताते हैं कि 1505 में खुद गुरु नानक जी ने यहां आध्यात्मिक चमत्कार दिखाए थे। जिसके बाद यहां के कड़ुवे रीठे मीठे हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
--::: " रीठा साहिब में 3 जून से 5 जून तक होने वाला जोड़ मेला कोविड-19 की महामारी के मद्देनजर स्थगित किया गया है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद प्रशासन की अनुमति मिलने पर मेला शुरू करने पर विचार किया जाएगा।" - बाबा तरसेम सिंह, प्रबंधक, नानकमत्ता गुरुद्वारा
--::: चंपावत जिले में अब तक ये मेले भी हो चुके स्थगित :: * 11 मार्च से 15 जून तक प्रस्तावित मां पूर्णागिरि धाम का मेला 17 मार्च के बाद से पूरी तरह रद्द हुआ। * नेपाल सीमा से लगे गुमदेश क्षेत्र का 31 मार्च से 2 अप्रैल तक प्रस्तावित चैतोला मेला भी नहीं हो सका। अलबत्ता मंदिर की परंपरा को पूरा करने के लिए सिर्फ पुजारी व पंडित की मौजूदगी में चमदेवल स्थित चौखाम बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना हो सकी।

Reatha Sahib's fair postponed
रीठा साहिब का गुरुद्वारा। - फोटो : AMAR UJALA
रीठा साहिब का गुरुद्वारा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed