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सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे राशन विक्रेता...
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चंपावत में सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं की बैठक में रणनीति तय करते गल्ला संगठन। फोटो: संवाद न्य?
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिले के 346 सरकारी सस्ता गल्ला केंद्रों में इन दिनों खाद्यान्न वितरण नहीं हो रहा है। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति मानदेय की मांग के लिए पिछले सप्ताह से हड़ताल पर हैं। संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष भरत राम आर्य की अध्यक्षता में रविवार को यहां एक होटल में हुई बैठक में संगठन ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। कहा कि अगर मानदेय की मांग की अनदेखी की गई, तो सस्ता गल्ला वितरक सामूहिक रूप से काम से खुद को अलग कर लेंगे।
राशन विक्रेताओं ने कहा कि सरकार त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय में तो इजाफा कर रही है, लेकिन उन्हें मानदेय के रूप में एक भी रुपया नहीं देती है। संगठन ने मासिक मानदेय न मिलने पर राशन का उठान न करने की बात कही। बैठक में श्याम सिंह महर, प्रहलाद सिंह उरियाल, भास्कर गौड़, नवीन राम, कालू सिंह, प्रेम सिंह आदि थे।
इन कामों के प्रभावित होने का अंदेशा
1. बीपीएल श्रेणी को निशुल्क रूप से बांटने वाले खाद्यान्न का उठान न होने से अक्तूबर में वितरण प्रभावित होने का अंदेशा।
2. अक्तूबर के पहले सप्ताह से शुरू होने वाला अन्न उत्सव कार्यक्रम।
फिलहाल सिर्फ प्रति क्विंटल कमीशन मिलता है
चंपावत। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को फिलहाल कोई मानदेय नहीं मिलता, सिर्फ कमीशन मिलता है। आपूर्ति निरीक्षक प्रकाश फर्त्याल ने बताया कि गल्ला धारकों को एपीएल राशन पर प्रति क्विंटल 18 रुपये और अन्य श्रेणी के राशन पर 143 रुपये क्विंटल कमीशन दिया जाता है।
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गल्ला विक्रेताओं का कहना है कि पहाड़ में अनाज का उत्पादन कम होने और सस्ते गल्ले की दुकान दूरदराज में होने से ढुलान पर ही काफी रकम खर्च हो जाती है। इससे उन्हें लाभ नहीं हो रहा है। चंपावत जिले में कुल 58154 राशनकार्ड धारकों में से 5801 अंत्योदय, 28774 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, 23579 राज्य खाद्य योजना के हैं।
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राशन विक्रेताओं ने कहा कि सरकार त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय में तो इजाफा कर रही है, लेकिन उन्हें मानदेय के रूप में एक भी रुपया नहीं देती है। संगठन ने मासिक मानदेय न मिलने पर राशन का उठान न करने की बात कही। बैठक में श्याम सिंह महर, प्रहलाद सिंह उरियाल, भास्कर गौड़, नवीन राम, कालू सिंह, प्रेम सिंह आदि थे।
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इन कामों के प्रभावित होने का अंदेशा
1. बीपीएल श्रेणी को निशुल्क रूप से बांटने वाले खाद्यान्न का उठान न होने से अक्तूबर में वितरण प्रभावित होने का अंदेशा।
2. अक्तूबर के पहले सप्ताह से शुरू होने वाला अन्न उत्सव कार्यक्रम।
फिलहाल सिर्फ प्रति क्विंटल कमीशन मिलता है
चंपावत। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को फिलहाल कोई मानदेय नहीं मिलता, सिर्फ कमीशन मिलता है। आपूर्ति निरीक्षक प्रकाश फर्त्याल ने बताया कि गल्ला धारकों को एपीएल राशन पर प्रति क्विंटल 18 रुपये और अन्य श्रेणी के राशन पर 143 रुपये क्विंटल कमीशन दिया जाता है।
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गल्ला विक्रेताओं का कहना है कि पहाड़ में अनाज का उत्पादन कम होने और सस्ते गल्ले की दुकान दूरदराज में होने से ढुलान पर ही काफी रकम खर्च हो जाती है। इससे उन्हें लाभ नहीं हो रहा है। चंपावत जिले में कुल 58154 राशनकार्ड धारकों में से 5801 अंत्योदय, 28774 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, 23579 राज्य खाद्य योजना के हैं।