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जन औषधि केंद्र में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध न होने से दिक्कतें
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लोहाघाट जन औषधी केंद्र में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : LOHAGHAT
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विकासखंड के सीएचसी के जन औषधि केंद्र में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध न होने के कारण रोगियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र में दवाओं की कमी के कारण मरीजों को बाजारों से दवाएं लेनी पड़ रही हैं जिससे रोगियों की जेब काफी ढीली हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों को गुणवत्तायुक्त सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देशभर में जन औषधि केंद्रों का संचालन शुरू किया गया था। अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन, दर्द निवारक, स्वांस संबंधी दवाएं उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को बाजारों की दौड़ लगानी पड़ रही है। लोगों ने जन औषधि केंद्र में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
डाक्टरों पर ब्रांडेड दवाएं लिखने का आरोप
लोहाघाट (चंपावत)। जन औषधि केंद्र के संचालक नवीन जोशी ने आरोप लगाया कि करीब पांच-छह महीनों से अस्पताल के कुछ डाक्टरों द्वारा जन औषधि केंद्र की दवाएं न लिखकर ब्रांडेड दवाएं लिखी जा रही हैं।
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रोगियों को ब्रांडेड दवाओं का सब्सिट्यूट देने के बाद डाक्टरों द्वारा उसे वापस करा दिया जा रहा है। नवीन का कहना है कि डाक्टरों की ओर से बार-बार ब्रांडेड दवाएं लिखे जाने की शिकायत उच्चाधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन डाक्टर ब्रांडेड दवाएं लिखने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसके चलते उनकी करीब डेढ़ लाख रुपये की दवाएं एक्सपायर हो चुकी हैं।
सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं हैं। जो दवाएं अस्पताल में नहीं हैं उन्हें जन औषधि केंद्र से लिखने के डाक्टरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई डाक्टर जन औषधि केंद्र के बजाय ब्रांडेड दवाएं लिखता है तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों को गुणवत्तायुक्त सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देशभर में जन औषधि केंद्रों का संचालन शुरू किया गया था। अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन, दर्द निवारक, स्वांस संबंधी दवाएं उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को बाजारों की दौड़ लगानी पड़ रही है। लोगों ने जन औषधि केंद्र में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
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डाक्टरों पर ब्रांडेड दवाएं लिखने का आरोप
लोहाघाट (चंपावत)। जन औषधि केंद्र के संचालक नवीन जोशी ने आरोप लगाया कि करीब पांच-छह महीनों से अस्पताल के कुछ डाक्टरों द्वारा जन औषधि केंद्र की दवाएं न लिखकर ब्रांडेड दवाएं लिखी जा रही हैं।
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रोगियों को ब्रांडेड दवाओं का सब्सिट्यूट देने के बाद डाक्टरों द्वारा उसे वापस करा दिया जा रहा है। नवीन का कहना है कि डाक्टरों की ओर से बार-बार ब्रांडेड दवाएं लिखे जाने की शिकायत उच्चाधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन डाक्टर ब्रांडेड दवाएं लिखने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसके चलते उनकी करीब डेढ़ लाख रुपये की दवाएं एक्सपायर हो चुकी हैं।
सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं हैं। जो दवाएं अस्पताल में नहीं हैं उन्हें जन औषधि केंद्र से लिखने के डाक्टरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई डाक्टर जन औषधि केंद्र के बजाय ब्रांडेड दवाएं लिखता है तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।