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पावर चैनल, शारदा नहर में पानी सप्लाई बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)
Updated Tue, 02 Aug 2016 10:18 PM IST
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शारदा नदी के पानी में अत्यधिक मलबा (गाद) आने से मंगलवार सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक एनएचपीसी की पावर चैनल और शारदा नहर की जलापूर्ति बंद की गई है। इस कारण एनएचपीसी और लोहियाहेड पावर हाउस का विद्युत उत्पादन बंद हो गया है। जलापूर्ति सुचारु होने के छह घंटे बाद ही दोनों पावर हाउसों में फिर से उत्पादन शुरू होगा।
पहाड़ पर हो रही बारिश से शारदा नदी में मलबा आने लगा है। इस मलबे से एनएचपीसी और लोहियाहेड पावर हाउस की मशीनों को नुकसान न हो, इसके चलते मंगलवार सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक दोनों पावर हाउसों की जलापूर्ति बंद कर दी गई है। इस बीच फ्लैशिंग (सफाई) का कार्य होने पर ही दोबारा चैनल और नहर में पानी छोड़ा जाएगा।
शारदा बैराज अटैंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि नदी के पानी में पीपीएम (पार्ट पर मिनट) 13 हजार से अधिक है। पीपीएम दस हजार ने नीचे आने के बाद ही पावर चैनल और नहर में पानी छोड़ा जाएगा। वहीं, पावर चैनल एवं नहर में पानी न होने से एनएचपीसी का टनकपुर पावर स्टेशन और लोहियाहेड पावर हाउस का विद्युत उत्पादन ठप है। बताया कि नहर में पानी छोड़ने के छह घंटे बाद ही दोनों पावर स्टेशन में फिर से उत्पादन शुरू होगा। बता दें कि इन दिनों एनएचपीसी में 98 तो लोहियाहेड में 21 मेगावाट बिजली बन रही है।
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नहर में सिल्ट का जमाव रोकने एवं पावर हाउस की मशीनों को बचाने के लिए चैनल और नहर में गंदा पानी नहीं छोड़ा जाता है। --बीएस यादव, एसडीओ शारदा हेडवर्क्स, बनबसा।
एनएचपीसी और लोहियाहेड पावर हाउस में एक-दो दिन जनरेशन न होने से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा। क्षेत्र में ग्रिड से बिजली सप्लाई जारी रहेगी। -बीएम भट्ट, एसडीओ विद्युत विभाग।
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पहाड़ पर हो रही बारिश से शारदा नदी में मलबा आने लगा है। इस मलबे से एनएचपीसी और लोहियाहेड पावर हाउस की मशीनों को नुकसान न हो, इसके चलते मंगलवार सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक दोनों पावर हाउसों की जलापूर्ति बंद कर दी गई है। इस बीच फ्लैशिंग (सफाई) का कार्य होने पर ही दोबारा चैनल और नहर में पानी छोड़ा जाएगा।
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शारदा बैराज अटैंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि नदी के पानी में पीपीएम (पार्ट पर मिनट) 13 हजार से अधिक है। पीपीएम दस हजार ने नीचे आने के बाद ही पावर चैनल और नहर में पानी छोड़ा जाएगा। वहीं, पावर चैनल एवं नहर में पानी न होने से एनएचपीसी का टनकपुर पावर स्टेशन और लोहियाहेड पावर हाउस का विद्युत उत्पादन ठप है। बताया कि नहर में पानी छोड़ने के छह घंटे बाद ही दोनों पावर स्टेशन में फिर से उत्पादन शुरू होगा। बता दें कि इन दिनों एनएचपीसी में 98 तो लोहियाहेड में 21 मेगावाट बिजली बन रही है।
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नहर में सिल्ट का जमाव रोकने एवं पावर हाउस की मशीनों को बचाने के लिए चैनल और नहर में गंदा पानी नहीं छोड़ा जाता है। --बीएस यादव, एसडीओ शारदा हेडवर्क्स, बनबसा।
एनएचपीसी और लोहियाहेड पावर हाउस में एक-दो दिन जनरेशन न होने से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा। क्षेत्र में ग्रिड से बिजली सप्लाई जारी रहेगी। -बीएम भट्ट, एसडीओ विद्युत विभाग।