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स्थायी रूप से बिजली की रोशनी से जगमग रहेगा मां पूर्णागिरि धाम मार्ग, काम शुरू

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 23 Dec 2021 12:54 AM IST
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Poornagiri Dham
मां पूर्णागिरि धाम में विद्युतिकरण के शुभारंभ पर पूजा करते डीएम विनित तोमर, मंदिर समिति अध्यक्ष ? - फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम मार्ग अब ककरालीगेट से भैरव मंदिर तक स्थायी रूप से बिजली की रोशनी से जगमग रहेगा। बुधवार को मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी और जिलाधिकारी विनित तोमर ने ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार पर पूजा-अर्चना कर विद्युतीकरण के कार्य का शुभारंभ कराया। ककरालीगेट से भैरव मंदिर तक करीब 22 किमी. मार्ग में पथ प्रकाश के लिए स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं।
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मां पूर्णागिरि धाम में चैत्र नवरात्र में आयोजित होने वाले तीन माह के सरकारी मेले में अस्थायी पथ प्रकाश की व्यवस्था में प्रशासन और मंदिर समिति की संयुक्त मेला संचालन समिति को हर साल लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इस खर्च को बचाने के उद्देश्य से समिति अध्यक्ष एसडीएम हिमांशु कफल्टिया की पहल पर धाम में पथ प्रकाश की स्थायी व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है।
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बुधवार को मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी और डीएम विनीत तोमर ने पं. प्रकाश चंद्र पांडेय के पौरोहित्य में पूजा-अर्चना कर विद्युतीकरण कार्य का शुभारंभ किया। इस मौके पर मंदिर समिति उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, सचिव सुरेश तिवारी, कोषाध्यक्ष नवीन तिवारी, प्रकाश पांडेय पीपी, एसडीएम हिमांशु कफल्टिया, प्रभारी तहसीलदार एनटी पिंकी आर्या, विद्युत विभाग के कर्मचारी पवन भट्ट, राजू तिवारी, विनोद तिवारी आदि थे।
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तीन चरणाें में होगा काम
टनकपुर (चंपावत)। एसडीएम ने बताया कि तीन फेज में ककरालीगेट से भैरव मंदिर तक करीब 22 किमी. मार्ग में मेला संचालन समिति मद से पथ प्रकाश की स्थायी व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। पहले फेज में ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर तक लाइटें लगाने का काम शुरू हो गया है। दूसरे फेज में बूम से ठुलीगाड़ और तीसरे फेज में ककरालीगेट से बूम तक पथ प्रकाश की स्थायी व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मुख्य मंदिर से भैरव मंदिर तक ध्वनि प्रसारण की भी स्थायी व्यवस्था का ठेका आवंटित किया जा चुका है। मेला अवधि में पथ प्रकाश और ध्वनि प्रचार की व्यवस्था में हर साल करीब 60 लाख रुपये खर्च होते हैं। अब स्थायी व्यवस्था होने से इस पर खर्च होने वाली रकम की पचास प्रतिशत से अधिक बचत होगी।
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