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चंपावत में थम नहीं रहा पॉलिथीन का प्रयोग 

Sat, 18 Feb 2017 09:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Sat, 18 Feb 2017 09:06 PM IST
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polythene was Champawat
चंपावत में पॉलिथीन का प्रयोग हाो रहा - फोटो : अमर उजाला
 ग्रीन सिटी-क्लीन सिटी हो अपना चंपावत, पॉलिथीन मुक्त हो अपना चंपावत। यह नारा बस स्लोगन भर रह है है।
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कोर्ट के आदेश के बाद भी चंपावत में पॉलिथीन का प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है। नगर पालिका और प्रशासन पॉलिथीन के प्रयोग पर लगाम के नाम पर चंद चालान कर जिम्मेदारी पूरी मान लेता है। चंपावत में 10 महीने में सिर्फ 11 लोगों का चालान किया गया।

चंपावत में पॉलिथीन के उपयोग पर प्रतिबंधित है। इसके बावजूद भी यहां की दुकानों से लेकर लोगों के हाथों तक पॉलिथीन दिखाई देती है। ज्यादातर दुकानों में पॉलिथीन का इस्तेमाल न कभी रूका है और नहीं कम हुआ। यहां रोजाना करीब एक क्विंटल पॉलीथिन का कचरा निकल रहा है। जो अलग-अलग जगह कूड़े के ढेरों रूप में बिखरा पड़ा रहता है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार ने बताया कि अब तक 11 चालान हुए हैं और 20 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। हरेभरे चंपावत जिले में रोक के बावजूद पॉलिथीन के इस्तेमाल में कहीं कोई कमी नहीं है।
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1998 में पॉलिथीन फ्री जिला बना था चंपावत
सितंबर 1997 में जिला बनने के छह महीने बाद मार्च 1998 में चंपावत स्वत:स्फूर्त पॉलिथीन फ्री जिला बना। तब इस पर न कोई प्रतिबंध था, नहीं ऐसा कोई नियम-कानून। मगर तत्कालीन डीएम नवीन चंद्र शर्मा की पहल से प्रेरित होकर लोगों ने इसे माना। यहां तक कि मां पूर्णागिरि धाम मेले में भी बाहर से आने वाले तीर्थयात्री भी यहां की इस पहल से गदगद थे।
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बेकार हो रही कांपेक्टर मशीन
पॉलिथीन और प्लास्टिक की रिसाइक्लिंग के लिए करीब तीन साल पहले चंपावत में कांपेक्टर (पॉलिथीन रिसाइकिल) मशीन लगी। करीब सात लाख रुपए की इस मशीन के जरिए बेकार पड़ी पॉलिथीन के छोटे-छोटे ब्रिक्स बनने थे। एक समय में 40 टन पॉलिथीन को रिसाइकिल कर 4 टन पॉलिथीन में तब्दील किया जाना था। इससे नगर पालिका की मासिक आय में इजाफा होने के साथ किसानों को जैविक खाद भी मिलती। पर ऑपरेटर नहीं होने से मशीन कभी भी चलाई नहीं जा सकी



पॉलीथिन के उपयोग को रोकने के लिए प्रशासन सख्ती करेगा। निरंतर अभियान चला पॉलिथीन का इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई करने की नगर पालिका और प्रशासन को हिदायत दी जा रही है।
डा.अहमद इकबाल,
जिलाधिकारी, चंपावत।
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