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अवैध शिकार की रोकथाम के उपाय बताए
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
Updated Thu, 07 Jul 2016 10:27 PM IST
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कार्यशाला
- फोटो : अमर उजाला
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भारत सरकार के वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्लूसीसीबी) ने बूम में कार्यशाला आयोजित कर वन विभाग और एसएसबी के जवानों को वन्यजीवों के संरक्षण के बारे में जानकारी दी। एसएसबी के डीआईजी एके दास की मौजूदगी में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के प्रतिनिधियों ने वन्यजीवों के अवैध शिकार और उनके अंगों की तस्करी की रोकथाम के उपाय बताए।
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उत्तरी क्षेत्र के क्षेत्रीय उप निदेशक निशांत वर्मा ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की स्थापना, क्षेत्र के जंगलों में पाए जाने वाले वन्यजीवों व उनके अवैध शिकार, वन्यजीव अंगों की तस्करी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इसकी रोकथाम के लिए सजग रहने की प्रेरणा दी। भारत-नेपाल सीमा पर वन्यजीव अंगों के व्यापार के लिए संवेदनशील स्थानों के बारे में बताया।
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उन्होंने शिकार के लिए टारगेट किए जा रहे वन्यजीवों की प्रजातियों एवं संगठित वन्यजीव अपराध की रोकथाम के लिए किए जाने वाले उपायों के संबंध में भी एसएसबी और वन विभाग के अधिकारियों को बताया। कार्यशाला में एसएसबी के डीआईजी के अलावा 57वीं वाहिनी के कमांडेंट गौतम सागर, सहायक कमांडेंट सुमन सौरभ, सहायक कमांडेंट केएम अनीस, प्रशिक्षु आईएफएस अमित कुंवर, वन विभाग उप प्रभागीय वनाधिकारी खटीमा एनसी पंत, उप प्रभागीय वनाधिकारी शारदा रेंज राजेश श्रीवास्तव, उप प्रभागीय वनाधिकारी लोहाघाट महीपाल सिंह सिरोही, उप प्रभागीय वनाधिकारी चंपावत जगदीश चंद्र दानी आदि ने प्रतिभाग किया।
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