फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Pithoragarh, Champawat officer charged

पिथौरागढ़ के अफसर पर चंपावत का चार्ज

Wed, 16 Mar 2016 11:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Wed, 16 Mar 2016 11:08 PM IST
विज्ञापन

होली पर्व नजदीक आते ही मिलावटखोरी का धंधा भी जोर पकड़ने लगता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रशासन इस मिलावटखोरी पर अंकुश लगाएगा, लेकिन यहां तो सैंपलिंग लेने वाले खाद्य सुरक्षा विभाग के ही हाल अजब-गजब हैं। करीब एक साल से चंपावत में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी की कुर्सी खाली है। यहां की अतिरिक्त जिम्मेदारी पिथौरागढ़ के अधिकारी के पास है। अभिहीत अधिकारी (खाद्य निरीक्षक) भी चार के सापेक्ष बस एक है।

विज्ञापन


दूध, मावा, मिठाई, पनीर समेत तमाम खाने-पीने की वस्तुओं की मांग तो बढ़ती है पर आपूर्ति में अंतर नहीं आता। ऐसे में बढ़ी खपत की भरपाई के लिए मिलावट या गुणवत्ता से समझौता अधिक आसान हो जाता है। संसाधनों की कमी चुनौती बन रहा है। पांच तहसीलों में से तीन में अभिहीत अधिकारी (खाद्य निरीक्षक) की कुर्सी खाली है। टनकपुर-बनबसा मैदानी क्षेत्र जिला मुख्यालय में से 90 किलोमीटर दूर होने के अलावा संवेदनशील भी है। वहीं, पाटी, बाराकोट, लोहाघाट और टनकपुर में भी कोई निरीक्षक नहीं है। छापामारी के लिए वाहन तक नहीं है। अन्य संसाधन भी आधे-अधूरे हैं। इन हालातों में सैंपलिंग करने को खुद विभाग भी चुनौती मान रहा है।
विज्ञापन


यहां का अतिरिक्त जिम्मा संभाल रहे पिथौरागढ़ के जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरएस कठायत का कहना है कि पर्वों में मिलावट के मामलों का खतरा बढ़ता है। होली के मद्देनजर मिलावटखोरी और घटिया सामग्री से निपटने के लिए अभियान चलाएगा। हां स्टाफ की कमी से काम प्रभावित हो रहा है। बता दें कि जिले में मिठाई की ही छोटी-बड़ी 150 से ज्यादा दुकानें हैं, लेकिन इन सामग्रियों के परीक्षण का कायदे का सिस्टम नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


होली पर्व में मिलावटखोरी पर लगाम कसने को खाद्य सुरक्षा विभाग को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। राजस्व और पुलिस विभाग भी इसमें सहयोग करेगा। -दीपेंद्र कुमार चौधरी, डीएम।


नकली दूध, पनीर, मावा, मिठाई या अन्य खाद्य सामग्री इंसान के शरीर के लिए नुकसानदायक है। मिलावटी सामग्री गुर्दे, लीवर और आंत को प्रभावित करती है। -डा.विनोद टोलिया, सीएमओ।

वर्ष              लिए गए नमूने            मिलावटी मामले
2012                36                       0
2013                39                       0
2014               18                        0
2015               24                        2

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed