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प्रदेश में बिजली टौती को लेकर चढ़ा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पारा, किया प्रदर्शन
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चंपावत में प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। गर्मी के बढ़ने के साथ लगातार प्रदेश में हो रही बिजली कटौती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पारा चढ़ गया है। विरोध में कार्यकर्ताओं ने स्टेशन बाजार में पुतला फूंका। प्रदर्शन के बाद कलक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी के जरिए राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा कि सूबे में रोजाना आठ से दस घंटे बिजली कटौती हो रही है। इससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो रहा है। बिजली कटौती से गर्मी के कारण लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। परीक्षाओं के चलते छात्र-छात्राओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिलाध्यक्ष पूरन सिंह कठायत के नेतृत्व में मोटर स्टेशन रोड पर प्रदर्शन करने के बाद प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। बाद में कलक्ट्रेट में ज्ञापन देकर बिजली कटौती रोकने की मांग की गई। विरोध प्रदर्शन में जिला महामंत्री विकास साह, भगीरथ भट्ट, सेवादल जिला प्रभारी हरीश सिंह चौधरी, सभासद रोहित बिष्ट, प्रकाश सिंह बोहरा, अशोक कार्की, आशा देवी, तारा दत्त जोशी, चिराग फर्त्याल, जगदीश चंद्र, बालादत्त थ्वाल, दीपक तड़ागी, सौरभ साह, उमेश खर्कवाल, डॉ. महेश ढेक, विमला माहरा, विमला पुजारी आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
चंपावत जिले को फिलहाल मिली है कटौती से निजात
चंपावत। देश और प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में भले ही बिजली संकट गहराया है लेकिन चंपावत जिले में इस वक्त न बिजली की किल्लत है और न ही बिजली कटौती हो रही है। जिले में मांग के सापेक्ष 95 प्रतिशत बिजली मिल रही है। ऊर्जा निगम के चंपावत खंड के ईई एसके गुप्ता ने बताया कि चंपावत जिले में इन दिनों गर्मी में रोजाना 2.10 लाख यूनिट बिजली की मांग है। इसके सापेक्ष दो लाख यूनिट बिजली मिल रही है। इस वजह से कटौती की नौबत नहीं आ रही है। जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा में गर्मियों में 20 हजार यूनिट ज्यादा यानी 1.20 लाख और पहाड़ में 20 हजार यूनिट कम खपत है।
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जिलाध्यक्ष पूरन सिंह कठायत के नेतृत्व में मोटर स्टेशन रोड पर प्रदर्शन करने के बाद प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। बाद में कलक्ट्रेट में ज्ञापन देकर बिजली कटौती रोकने की मांग की गई। विरोध प्रदर्शन में जिला महामंत्री विकास साह, भगीरथ भट्ट, सेवादल जिला प्रभारी हरीश सिंह चौधरी, सभासद रोहित बिष्ट, प्रकाश सिंह बोहरा, अशोक कार्की, आशा देवी, तारा दत्त जोशी, चिराग फर्त्याल, जगदीश चंद्र, बालादत्त थ्वाल, दीपक तड़ागी, सौरभ साह, उमेश खर्कवाल, डॉ. महेश ढेक, विमला माहरा, विमला पुजारी आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
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चंपावत जिले को फिलहाल मिली है कटौती से निजात
चंपावत। देश और प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में भले ही बिजली संकट गहराया है लेकिन चंपावत जिले में इस वक्त न बिजली की किल्लत है और न ही बिजली कटौती हो रही है। जिले में मांग के सापेक्ष 95 प्रतिशत बिजली मिल रही है। ऊर्जा निगम के चंपावत खंड के ईई एसके गुप्ता ने बताया कि चंपावत जिले में इन दिनों गर्मी में रोजाना 2.10 लाख यूनिट बिजली की मांग है। इसके सापेक्ष दो लाख यूनिट बिजली मिल रही है। इस वजह से कटौती की नौबत नहीं आ रही है। जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा में गर्मियों में 20 हजार यूनिट ज्यादा यानी 1.20 लाख और पहाड़ में 20 हजार यूनिट कम खपत है।
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