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सुंई गांव की टीके की होली में उमड़े लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Tue, 14 Mar 2017 09:44 PM IST
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लोहाघाट के सुंई गांव में खड़ी होली का गायन करते होल्यार।
- फोटो : अमर उजाला
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सुंई में मंगलवार को टीके की होली के अवसर पर होल्यारों ने धूम मचाई। आदित्य महादेव मैदान में टीके के दिन होने वाली होली को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े।
शहर और आसपास के गांवों से आए होल्यारों ने बढ़-चढकर शिरकत की। होल्यार राजेश चौबे व नवीन चौबे के दिशा-निर्देशन में होल्यारों ने ‘तुम तन की पार्वती बन में, तप कर ब्रह्मा सृष्टि रचत है, तप कर विष्णु जग पाले, तुम तपकर हो, करी करी तपस्या होय कुंवर, भागीरथ गगा ले आये, हो टलने की नाहीं जो-जो लिखी विधि ब्रह्मा, होरी खेले पिया वरकी फरकी, दधि लूटो नंद के लाल प्यारे मोहनियां, हमरो सिवा जो हारन ऐसो, हरना रावे मारिये, थाकुड़ थैय्या थैय्या होत बृदांवन में, गई गई असुर तेरी नार मंदोदरी, सिया मिलन गई बागा’ में आदि होली गीतों का गायन हुआ।
‘काहे के अंगना रंगीली ढप बाजे आशीष की’ होली के साथ होली का समापन किया गया। इस मौके पर केशव चौबे, लक्ष्मी दत्त खर्कवाल, रमेश खर्कवाल, रमेश चौबे, सचिन जोशी, भुवन चौबे, त्रिलोचन चौबे, रामदत्त चौबे, जनार्दन चौबे आदि ने स्वागत किया।
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फोर्ती में सती जन जाये दक्ष राजा घर में, दक्ष राजा ने यज्ञ रचो है, धूम मची है सुरपुर में। दधि मथली समुद्र बिच कान्हाइया, ब्रहमा आये विष्णु आये देव दनुज सब आवइया, हो सुमिरो सीता राम रम भज, हर भजे राधे भज आदि होली गीतों का गायन हुआ।
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शहर और आसपास के गांवों से आए होल्यारों ने बढ़-चढकर शिरकत की। होल्यार राजेश चौबे व नवीन चौबे के दिशा-निर्देशन में होल्यारों ने ‘तुम तन की पार्वती बन में, तप कर ब्रह्मा सृष्टि रचत है, तप कर विष्णु जग पाले, तुम तपकर हो, करी करी तपस्या होय कुंवर, भागीरथ गगा ले आये, हो टलने की नाहीं जो-जो लिखी विधि ब्रह्मा, होरी खेले पिया वरकी फरकी, दधि लूटो नंद के लाल प्यारे मोहनियां, हमरो सिवा जो हारन ऐसो, हरना रावे मारिये, थाकुड़ थैय्या थैय्या होत बृदांवन में, गई गई असुर तेरी नार मंदोदरी, सिया मिलन गई बागा’ में आदि होली गीतों का गायन हुआ।
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‘काहे के अंगना रंगीली ढप बाजे आशीष की’ होली के साथ होली का समापन किया गया। इस मौके पर केशव चौबे, लक्ष्मी दत्त खर्कवाल, रमेश खर्कवाल, रमेश चौबे, सचिन जोशी, भुवन चौबे, त्रिलोचन चौबे, रामदत्त चौबे, जनार्दन चौबे आदि ने स्वागत किया।
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फोर्ती में सती जन जाये दक्ष राजा घर में, दक्ष राजा ने यज्ञ रचो है, धूम मची है सुरपुर में। दधि मथली समुद्र बिच कान्हाइया, ब्रहमा आये विष्णु आये देव दनुज सब आवइया, हो सुमिरो सीता राम रम भज, हर भजे राधे भज आदि होली गीतों का गायन हुआ।