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मजबूत साक्ष्यों से मिल पाएगा अपराधियों को दंड
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Sat, 21 Apr 2018 10:57 PM IST
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चंपावत में फिंगर प्रिंट किट बाक्स का निरीक्षण करते पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल।
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल के नेतृत्व में शनिवार को पुलिस जवानों को किसी भी फिंगर प्रिंट और डीएनएल परीक्षण के आधार पर साक्ष्य जुटाने के टिप्स दिए गए। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किए हुए उप निरीक्षकों को आपराधिक घटनाओं के बाद निरीक्षण के दौरान फिंगर प्रिंट लेते समय सावधानी बरतने की बात कही।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना के बाद अपराधी को सजा दिलाने के लिए ठोस साक्ष्यों का होना आवश्यक होता है। साक्ष्य जुटाने के लिए किट बाक्स का उपयोग घटना को सुलझाने में मददगार होता है। उन्होंने किट बॉक्स का निरीक्षण किया और किट बॉक्स में मौजूद सामग्री की पड़ताल की। कहा कि प्रत्येक अपराधी का फिंगर प्रिंट लेकर उसे सुरक्षित रखना जरूरी है, ताकि भविष्य में होने वाली घटनाओं में मिलने वाले निशानों से अपराधियों की पहचान हो सके। कहा कि पुलिस की विवेचना इतनी स्पष्ट होनी चाहिए कि अदालत में अपराधी को सजा दिलाने में आसानी हो सके। इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी राजन सिंह रौतेला, उप निरीक्षक अनुराग सिंह आदि मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना के बाद अपराधी को सजा दिलाने के लिए ठोस साक्ष्यों का होना आवश्यक होता है। साक्ष्य जुटाने के लिए किट बाक्स का उपयोग घटना को सुलझाने में मददगार होता है। उन्होंने किट बॉक्स का निरीक्षण किया और किट बॉक्स में मौजूद सामग्री की पड़ताल की। कहा कि प्रत्येक अपराधी का फिंगर प्रिंट लेकर उसे सुरक्षित रखना जरूरी है, ताकि भविष्य में होने वाली घटनाओं में मिलने वाले निशानों से अपराधियों की पहचान हो सके। कहा कि पुलिस की विवेचना इतनी स्पष्ट होनी चाहिए कि अदालत में अपराधी को सजा दिलाने में आसानी हो सके। इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी राजन सिंह रौतेला, उप निरीक्षक अनुराग सिंह आदि मौजूद रहे।
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