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विधानसभा चुनाव की समीक्षा के लिए आए पीसीसी चीफ ने झेला विरोध, नहीं की बैठक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Sat, 08 Apr 2017 11:01 PM IST
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कांग्रेस बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यहां पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के सर ही संगठन को कमजोर करने और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार का ठीकरा फोड़ा। किशोर विधानसभा चुनाव की समीक्षा के लिए यहां देर से पहुंचे और शायद कार्यकर्ताओं का मूड भांपकर बिना बैठक के ही चले गए। कार्यकर्ताओं ने किशोर को प्रदेश अघ्यक्ष के पद से हटाने तक की मांग की।
शनिवार को किशोर विधानसभा चुनाव की समीक्षा के लिए कुमाऊं भर के दौरे पर निकले थे। इसी के तहत उन्हें चंपावत आना था। किशोर आए, लेकिन काफी देर से। यहां पहुंचते ही किशोर सीधे मीडिया से मुखातिब हुए और देरी का हवाला देकर सीधे लोहाघाट जाने लगे। कार्यकर्ता हार की समीक्षा करने और बैठक की मांग करने लगे। इस बीच किशोर गाड़ी में बैठे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं का धीरज तक जवाब दे गया। पूर्व जिला महामंत्री पूरन सिंह कठायत के नेतृत्व में कार्यकर्ता किशोर उपाध्याय की गाड़ी के आगे खड़े हो गए। कार्यकर्ताओं ने रोष प्रकट करते हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार का ठीकरा किशोर उपाध्याय और हरीश रावत की गुटबाजी के ऊपर फोड़ दिया। उन्होंने किशोर पर संगठन को कमजोर करने और हरीश रावत को हराने के लिए भी जिम्मेदार ठहराया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद हटाने की मांग तक कर डाली। यह सब पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल, सूरज प्रहरी, विकास साह, सौरभ साह, मोहन जोशी, अशोक कार्की, दिनेश खर्कवाल आदि की मौजूदगी में हुआ।
इससे पहले मीडिया से बातचीत में किशोर ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के सवाल पर ईवीएम मशीनों की जांच की बात की। उन्होंने राज्य सरकार पर शराब और खनन माफिया के दबाव में काम करने का आरोप जड़ा और कहा कि प्रदेश सरकार ने शराब की दुकानों का रास्ता साफ करने के लिए स्टेट हाइवे की परिभाषा बदल कर जिला मार्ग कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा चुनाव की समीक्षा कर रहे हैं और चुनाव में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने वाले बागियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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शनिवार को किशोर विधानसभा चुनाव की समीक्षा के लिए कुमाऊं भर के दौरे पर निकले थे। इसी के तहत उन्हें चंपावत आना था। किशोर आए, लेकिन काफी देर से। यहां पहुंचते ही किशोर सीधे मीडिया से मुखातिब हुए और देरी का हवाला देकर सीधे लोहाघाट जाने लगे। कार्यकर्ता हार की समीक्षा करने और बैठक की मांग करने लगे। इस बीच किशोर गाड़ी में बैठे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं का धीरज तक जवाब दे गया। पूर्व जिला महामंत्री पूरन सिंह कठायत के नेतृत्व में कार्यकर्ता किशोर उपाध्याय की गाड़ी के आगे खड़े हो गए। कार्यकर्ताओं ने रोष प्रकट करते हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार का ठीकरा किशोर उपाध्याय और हरीश रावत की गुटबाजी के ऊपर फोड़ दिया। उन्होंने किशोर पर संगठन को कमजोर करने और हरीश रावत को हराने के लिए भी जिम्मेदार ठहराया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद हटाने की मांग तक कर डाली। यह सब पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल, सूरज प्रहरी, विकास साह, सौरभ साह, मोहन जोशी, अशोक कार्की, दिनेश खर्कवाल आदि की मौजूदगी में हुआ।
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इससे पहले मीडिया से बातचीत में किशोर ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के सवाल पर ईवीएम मशीनों की जांच की बात की। उन्होंने राज्य सरकार पर शराब और खनन माफिया के दबाव में काम करने का आरोप जड़ा और कहा कि प्रदेश सरकार ने शराब की दुकानों का रास्ता साफ करने के लिए स्टेट हाइवे की परिभाषा बदल कर जिला मार्ग कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा चुनाव की समीक्षा कर रहे हैं और चुनाव में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने वाले बागियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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