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मरीजों को नहीं मिली राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Tue, 08 Sep 2015 10:20 PM IST
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ग्रेड-पे में बढ़ोतरी सहित नौ सूत्रीय मांगों को लेकर नर्सिंग सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर जिले की नर्सों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी सामूहिक अवकाश लेकर कार्य बहिष्कार किया, जिससे सरकारी अस्पतालों में मरीजों की देखभाल का कार्य प्रभावित रहा।
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चंपावत, टनकपुर, बनबसा में नर्सों की हड़ताल के कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अलबत्ता जिला अस्पताल में नर्सों के स्थान पर फार्मेसिस्टों को मरीजों को देखने की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला अस्पताल में नर्सिंग एसोसिएशन जिलाध्यक्ष सविता जोशी की अगुवाई में मंजू मिश्रा, हिमांगी सिंह, सुधा पांडेय, मंजू कैड़ा, सपना ध्यानी, अनीता राय, कांता आदि ने दूसरे दिन भी प्रदर्शन कर सामूहिक अवकाश लिया।
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नर्सिंग सर्विसेज एसोसिएशन की प्रमुख मांगें-
- खाली पड़े डिप्टी डायरेक्टर नर्सिंग और ज्वाइंट डायरेक्टर नर्सिंग के पद को शीघ्र भरा जाए।
- शासन में लंबित ढांचा एवं नियमावली को इसी माह जारी किया जाए।
- चिकित्सा शिक्षा में उप निदेशक नर्सिंग के पद पर तुरंत प्रमोशन दिया जाए।
- केंद्र के समान सभी भत्ते लागू किए जाएं।
- केंद्र के मानक के अनुसार नर्सेज की भर्ती की जाए।
- केंद्र के समान पोस्ट बेसिक बीएससी और एमएससी नर्सेज को दो अतिरिक्त वेतनवृद्धि दी जाए जो शासन में लंबित है।
- स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सा शिक्षा में कार्यरत नर्सिंग शिक्षकों को चिकित्सा शिक्षा विभाग में समायोजित किया जाए।
- चिकित्सा शिक्षा विभाग में नर्सिंग शिक्षक सेवा नियमावली और ढांचा तुरंत लागू किया जाए।
- नर्सिंग कौंसिल में डिप्टी रजिस्ट्रार के दोनों पद तुरंत भरे जाएं और सेक्रेटरी का कार्य नर्सिंग रजिस्ट्रार को दिया जाए। नियमावली और एक्ट तुरंत लागू किए जाएं।
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ये हैं नर्सेज आंदोलन के अगले चरण
- 10 और 11 सितंबर को सचिवालय, विधानसभा और महानिदेशालय में रैली निकाली जाएगी।
- इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर 14 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।