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अपने मूल स्वरूप में दिख रहा है ऊँ पर्वत
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sun, 18 Sep 2016 10:26 PM IST
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अपने मूल स्वरूप में दिख रहा है ऊँ पर्वत
- फोटो : अमर उजाला
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कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर आपने बर्फ से लकदक ऊँ पर्वत का नजारा देखा होगा, लेकिन इन दिनों यह पर्वत लगभग बर्फ विहीन हो गया है। मेल्टिंग सीजन अब खत्म होने को है। कुछ दिनों के बाद इस पर्वत पर बर्फ टिकनी शुरू हो जाएगी। ऊँ पर्वत के करीब पहुंचने वाले ट्रैकर जीवन ठाकुर ने बताया कि इन दिनों उच्च हिमालयी क्षेत्र का मौसम बेहद सुहावना है।
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कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग के नाभीढांग से 6191 मीटर की ऊंचाई स्थित ऊँ पर्वत के दीदार होते हैं। बर्फ पिघलने से ऊँ पर्वत इन दिनों अपने मूल स्वरूप में दिखाई दे रहा है। हिमशिखर में ऊँ की आकृति साफ देखी जा सकती है। इस नयनाभिराम दृश्य को छोटा कैलास की यात्रा के दौरान बीती 6 सितंबर को पैय्यांपौड़ी निवासी ट्रैकर जीवन ठाकुर ने अपने कैमरे में कैद किया था।
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अक्तूबर में बर्फबारी के बाद ऊँ पर्वत एक बार फिर बर्फ से ढक जाएगा। हाल के दिनों में बर्फबारी नहीं होने से भी बर्फ नहीं दिख रही है। जीवन ने छोटा कैलास, ऊँ पर्वत क्षेत्र को ट्रैकरों और सैलानियों के लिए स्वर्ग बताया। इस क्षेत्र में बर्फबारी के बाद कुदरत के अद्भुत और अलग-अलग नजारे देखने को मिलते हैं।
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15 जून से शुरू हुआ मेल्टिंग सीजन अब खत्म होने को है। इसी की वजह से ऊँ पर्वत से बर्फ पिघल गई है और उसका स्वरूप बदल गया है। कुछ दिनों के बाद हिमपात के बाद पर्वतों पर बर्फ टिकनी शुरू हो जाएगी। फिर उच्च हिमालय क्षेत्र के भौगोलिक बनावट में अंतर नजर आने लगेगा।
- किरीट कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान, कोसी कटारमल, अल्मोड़ा