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बचदा के बाद अब जाकर कोई बना मंत्री
चंद्रशेखर जोशी/अमर उजाला, चंपावत
Updated Tue, 05 Jul 2016 10:31 PM IST
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अजय टम्टा
- फोटो : अमर उजाला
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14 विधानसभा सीटें और 4 जिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले अल्मोड़ा संसदीय सीट को आखिरकार केंद्र सरकार में नुमाइंदगी मिल गई है। मगर इसके लिए इस संसदीय सीट को 12 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार में 2004 तक मंत्री रहे बची सिंह रावत ‘बचदा’ के बाद अब मंगलवार को अजय टम्टा को यह अवसर मिला है। वह उत्तराखंड से केंद्र में न केवल इकलौते मंत्री बने हैं, बल्कि प्रदेश से सबसे कम उम्र के केंद्रीय मंत्री भी। उनके मंत्री बनने से पंचेश्वर बांध सहित अन्य केंद्र पोषित परियोजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है।
मौजूदा सीएम हरीश रावत यूपीए-2 सरकार में केंद्रीय मंत्री थे, मगर वे लोकसभा में हरिद्वार के नुमाइंदे थे। उत्तराखंड में भाजपा सरकार में मंत्री रह चुके अजय टम्टा 2009 लोकसभा चुनाव में शिकस्त खाने के बाद पिछले चुनाव में बड़ी जीत दर्ज कर केंद्र सरकार का हिस्सा बने। 2014 में हुए चुनाव में उन्हें सबसे अधिक समर्थन चंपावत विधानसभा सीट से मिला था। यहां से उन्होंने 13643 वोटों की लीड हासिल की थी। जो सभी 14 सीटों में सर्वाधिक थी। इसके चलते उन्होंने बागेश्वर के सूपी गांव के बाद सांसद आदर्श गांव के रूप में दूसरा गांव चंपावत जिले के सल्ली को चुना।
केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा के सामने विकास से लेकर यहां की कई समस्याओं को हल करने की चुनौती होगी। भाजपा नेता गोविंद सामंत का कहना है कि नेपाल सीमा से लगे गांवों के अलावा दूरदराज के गांवों में हो रहे पलायन को रोकना बड़ी चुनौती है। इस समूचे इलाके की अर्थव्यवस्था को गति देने वाली पंचेश्वर बांध परियोजना, टनकपुर-जौलजीबी रोड जैसी परियोजना को गति देना महत्वपूर्ण है। इन सबसे बड़ी तथा तात्कालिक चुनौती आपदा के खतरों को कम करना तथा लोगों को राहत पहुंचाना है। केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा का कहना है कि चुनौतियां बड़ी हैं। इन मसलों को ईमानदारी से अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
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मौजूदा सीएम हरीश रावत यूपीए-2 सरकार में केंद्रीय मंत्री थे, मगर वे लोकसभा में हरिद्वार के नुमाइंदे थे। उत्तराखंड में भाजपा सरकार में मंत्री रह चुके अजय टम्टा 2009 लोकसभा चुनाव में शिकस्त खाने के बाद पिछले चुनाव में बड़ी जीत दर्ज कर केंद्र सरकार का हिस्सा बने। 2014 में हुए चुनाव में उन्हें सबसे अधिक समर्थन चंपावत विधानसभा सीट से मिला था। यहां से उन्होंने 13643 वोटों की लीड हासिल की थी। जो सभी 14 सीटों में सर्वाधिक थी। इसके चलते उन्होंने बागेश्वर के सूपी गांव के बाद सांसद आदर्श गांव के रूप में दूसरा गांव चंपावत जिले के सल्ली को चुना।
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केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा के सामने विकास से लेकर यहां की कई समस्याओं को हल करने की चुनौती होगी। भाजपा नेता गोविंद सामंत का कहना है कि नेपाल सीमा से लगे गांवों के अलावा दूरदराज के गांवों में हो रहे पलायन को रोकना बड़ी चुनौती है। इस समूचे इलाके की अर्थव्यवस्था को गति देने वाली पंचेश्वर बांध परियोजना, टनकपुर-जौलजीबी रोड जैसी परियोजना को गति देना महत्वपूर्ण है। इन सबसे बड़ी तथा तात्कालिक चुनौती आपदा के खतरों को कम करना तथा लोगों को राहत पहुंचाना है। केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा का कहना है कि चुनौतियां बड़ी हैं। इन मसलों को ईमानदारी से अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
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