बना कर अपने हाल पर छोड़ दिया स्मारक

राजेश देउपा  टनकपुर (चंपावत)। Updated Fri, 25 Jan 2019 11:28 PM IST
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उजाले की तलाश में सूखीढांग के सेनानियों का स्मारक।
उजाले की तलाश में सूखीढांग के सेनानियों का स्मारक। - फोटो : अमर उजाला

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टनकपुर तहसील के सूखीढांग क्षेत्र की पहचान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का स्मारक बेहद खराब हाल में है।
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सूखीढांग क्षेत्र के पंडित रामचंद्र चौड़ाकोटी, बेनीराम चौड़ाकोटी, पदमादत्त चौड़ाकोटी, जयदत्त चौड़ाकोटी, चूणामणि जोशी, चिंतामणि जोशी और बची सिंह राना ने आजादी की जंग में अंग्रेजी हुकूमत को नाकों चने चबवाए थे। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से लेकर अन्य आंदोलनों में इन्होंने शिरकत की थी। इसके चलते अल्मोड़ा, बरेली की जेलों में कारावास से लेकर जुर्माना तक इन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भुगतना पड़ा। 
2013 में यहां लाखों रुपये की लागत से इन स्वतंत्रता सेनानियों की याद में स्मारक बनाया गया था। यहां सातों सेनानियों की मूर्ति लगाई गई लेकिन स्मारक में बिजली का कोई बंदोबस्त नहीं किया गया। पिछले साल जिला पंचायत ने एक सोलर लाइट लगवाई, मगर कुछ ही महीनों में यह लाइट भी खराब हो गई।
प्रशासन का कहना है कि सेनानी स्मारक की कमियों को दूर करने के लिए जल्द ही कदम उठाए जाएंगे। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि खराब लाइट को जल्द ठीक कराने के साथ ही अन्य लाइटों की व्यवस्था की जाएगी।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी का कहना है कि बिजली तो दूर गणतंत्र दिवस सहित अन्य आयोजनों के लिए सफाई तक नहीं कराई जा रही है।
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