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गुमदेश की जिला मुख्यालय से 10 किमी दूरी कम करेगी गौड़ी-किमतोली सड़क
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चंपावत-गौड़ी-किमतोली मोटर मार्ग का नाम शहीद शिरोमणी चिलकोटी के नाम पर किए जाने का लोनिवि का बोर्ड
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिले के सीमांत गुमदेश क्षेत्र की जिला मुख्यालय से 10 किमी की दूरी कम करने वाली निर्माणाधीन चंपावत-गौड़ी-किमतोली सड़क में वाहनों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।
इसके लिए चंपावत से गौड़ी तक करीब 10 किमी लंबी सड़क बननी बाकी है, जबकि इस महत्वपूर्ण सड़क के बनने से प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना के निर्माण स्थल तक पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग भी मिलेगा।
सीमांत पुलहिंडोला, धौनी शिलिंग आदि स्थानों से ग्रामीणों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए 30 से 40 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि चंपावत-गौड़ी-किमतोली सड़क के बन जाने से यह दूरी 20 से 25 किमी तक रह जाएगी।
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पूर्व बीडीसी सदस्य विजय कुमार ने बताया कि गौड़ी, कोट, बसान, चिलकोट, राजपुरा, चौड़ा आदि स्थानों में बहुतायत से सब्जी और फल उत्पादन होता है, लेकिन सड़क सुविधा के अभाव में किसानों के उत्पाद बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
2004 और 2008 में सीएम की घोषणा में शामिल है सड़क
चंपावत। जिले के सीमांत गुमदेश को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए चंपावत-गौड़ी-किमतोली सड़क का निर्माण वर्ष 2009 से चल रहा है। लोनिवि की यह सड़क वर्ष 2004 और 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्रियों की घोषणाओं में शामिल होने के बावजूद पूरी नहीं हो पाई है। इसके बावजूद लोनिवि ने सड़क का नामकरण चिलकोट निवासी शहीद शिरोमणी चिलकोटी के नाम पर रखने का बोर्ड लगा दिया है।
संघर्ष समिति सड़क को लेकर आज निकालेगी पदयात्रा
चंपावत। चंपावत-गौड़ी-किमतोली मोटर मार्ग निर्माण के लिए जिला एवं विकास संघर्ष समिति मंगलवार को किमतोली से चंपावत तक पदयात्रा निकालेगी। समिति के संयोजक हरेंद्र बोरा और अध्यक्ष बसंत सिंह तड़ागी ने बताया कि पदयात्रा के दौरान किमतोली से चंपावत के बीच रहने वाले ग्रामीणों के साथ सड़क की स्थिति पर चर्चा होगी।
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इसके लिए चंपावत से गौड़ी तक करीब 10 किमी लंबी सड़क बननी बाकी है, जबकि इस महत्वपूर्ण सड़क के बनने से प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना के निर्माण स्थल तक पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग भी मिलेगा।
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सीमांत पुलहिंडोला, धौनी शिलिंग आदि स्थानों से ग्रामीणों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए 30 से 40 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि चंपावत-गौड़ी-किमतोली सड़क के बन जाने से यह दूरी 20 से 25 किमी तक रह जाएगी।
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पूर्व बीडीसी सदस्य विजय कुमार ने बताया कि गौड़ी, कोट, बसान, चिलकोट, राजपुरा, चौड़ा आदि स्थानों में बहुतायत से सब्जी और फल उत्पादन होता है, लेकिन सड़क सुविधा के अभाव में किसानों के उत्पाद बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
2004 और 2008 में सीएम की घोषणा में शामिल है सड़क
चंपावत। जिले के सीमांत गुमदेश को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए चंपावत-गौड़ी-किमतोली सड़क का निर्माण वर्ष 2009 से चल रहा है। लोनिवि की यह सड़क वर्ष 2004 और 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्रियों की घोषणाओं में शामिल होने के बावजूद पूरी नहीं हो पाई है। इसके बावजूद लोनिवि ने सड़क का नामकरण चिलकोट निवासी शहीद शिरोमणी चिलकोटी के नाम पर रखने का बोर्ड लगा दिया है।
संघर्ष समिति सड़क को लेकर आज निकालेगी पदयात्रा
चंपावत। चंपावत-गौड़ी-किमतोली मोटर मार्ग निर्माण के लिए जिला एवं विकास संघर्ष समिति मंगलवार को किमतोली से चंपावत तक पदयात्रा निकालेगी। समिति के संयोजक हरेंद्र बोरा और अध्यक्ष बसंत सिंह तड़ागी ने बताया कि पदयात्रा के दौरान किमतोली से चंपावत के बीच रहने वाले ग्रामीणों के साथ सड़क की स्थिति पर चर्चा होगी।