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पूर्णागिरि धाम में नहीं है चिकित्सा सुविधा, भगवान भरोसे लोगों की सेहत

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 19 Sep 2021 11:14 PM IST
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No Medical Facility in Poornagiri
मां पूर्णागिरि में खंडहर बना चिकित्सा रिलीफ सेंटर। (विज्ञप्ति) - फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम आस्था और श्रद्धा का बड़ा केंद्र हैं। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं, लेकिन अगर वहां किसी श्रद्धालु का स्वास्थ्य बिगड़ जाए तो इलाज की कोई सुविधा नहीं है।
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चिकित्सा सुविधा के अभाव में आसपास के गांवों के लोगों को इलाज के लिए 18 किमी दूर आना पड़ता है। धाम क्षेत्र मेें 15 साल पहले लाखों की लागत से बना चिकित्सा राहत केंद्र (एमआरसी) का भवन खंडहर हो चुका है।
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सड़क सुविधा से वंचित पहाड़ों के दुर्गम गांवों में भी अब चिकित्सा सुविधा पहुंचने लगी हैं, लेकिन करीब दो दशक पहले सड़क सुविधा से जुड़ चुके पूर्णागिरि धाम में चिकित्सा सुविधा अब भी सपना है।
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इसका खामियाजा श्रद्धालुओं के साथ आसपास के कुसलियाखेड़ा, चंद्रिका खटक, जमरानी, मल्टाक, कोटकेंद्री, चूका, हेडा आदि गांवों के लोगों को भुगतना पड़ता है।
हालांकि धाम में हर साल लगने वाले तीन माह के मेला अवधि में विभाग शिविर लगाकर सुविधा दिलाता है, लेकिन मेला अवधि के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की सेहत रामभरोसे रहती है।
स्थायी सुविधा के लिए वर्ष 2006 में बीएडीपी मद से सेलागाड़ में एमआरसी बनाया गया, लेकिन बनने के बाद से ही इस केंद्र में ताले लटके हैं। लाखों रुपये की लागत से बना यह भवन अब खंडहर बन चुका है।
डेढ़ दशक पहले सेलागाड़ में एमआरसी बना था, लेकिन उसके कपाट तक कभी नहीं खुले। मंदिर समिति और ग्राम पंचायत ने कई बार मांग उठाई, लेकिन स्थायी चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई है।
पं. भुवन चंद्र पांडेय, अध्यक्ष मां पूर्णागिरि धाम मंदिर समिति।
छोटी-छोटी बीमारी के लिए 18 किमी की दौड़ लगानी पड़ती है। बरसात के दिनों में मरीजों को ज्यादा परेशानी होती है। समय-समय पर मांग उठाई जाती रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
पं. किशन तिवारी, पूर्व अध्यक्ष मंदिर समिति पूर्णागिरि धाम।
गैर मेला अवधि में लोगों की सेहत भगवान भरोसे छोड़ दी जाती है। सड़क होने के बाद भी चिकित्सा जैसी सुविधा का न होना सरकार और विभाग की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

नीरज पांडेय, उपाध्यक्ष पूर्णागिरि धाम मंदिर समिति।
जिला योजना से एमआरसी का जीर्णोद्धार कराने की योजना है। 10-15 दिन के अंदर जिले को 24 नई एएनएम मिलने की उम्मीद है। इसके बाद पूर्णागिरि धाम में भी एएनएम की तैनाती कर प्राथमिक चिकित्सा सुविधा दिलाई जाएगी।
डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ चंपावत।
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