{"_id":"58e7b3e64f1c1bf8335b60a5","slug":"no-liquor-shop-to-be-opened","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं खुलने दी जाएगी शराब की दुकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं खुलने दी जाएगी शराब की दुकान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Fri, 07 Apr 2017 09:14 PM IST
विज्ञापन
शराब की दुकान के विरोध में धरने में बैठी महिलाएं और ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नेशनल हाइवे में स्थित सूखीढांग से शराब की दुकान को शिफ्ट कर धूरा मार्ग पर खोलने की संभावना को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी है।
दुकान हटाने की एक सूत्रीय मांग को लेकर शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों ने बृजनगर के राममंदिर परिसर में आठवें दिन भी धरना दिया।
आंदोलनकारियों ने आठ दिन बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से उनकी कोई सुध न लिए जाने पर नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया।
धूरा के क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह राना की अध्यक्षता और शंकर जोशी के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं का कहना था कि धूरा मार्ग पर किसी भी कीमत पर शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएगी।
इस मौके पर तल्ला पाल विलौन संघर्ष समिति के शंकर दत्त जोशी, शीष राम चौड़ाकोटी, इंद्र सिंह राना, कैलाश चंद्र चौड़ाकोटी, मंजू देवी, बृजमोहन, नवीन सिंह,लक्ष्मी देवी, मीरा देवी, खीमा देवी, ललिता देवी, माया देवी सहित तमाम महिलाएं और ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
दुकान हटाने की एक सूत्रीय मांग को लेकर शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों ने बृजनगर के राममंदिर परिसर में आठवें दिन भी धरना दिया।
आंदोलनकारियों ने आठ दिन बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से उनकी कोई सुध न लिए जाने पर नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया।
धूरा के क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह राना की अध्यक्षता और शंकर जोशी के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं का कहना था कि धूरा मार्ग पर किसी भी कीमत पर शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएगी।
विज्ञापन
इस मौके पर तल्ला पाल विलौन संघर्ष समिति के शंकर दत्त जोशी, शीष राम चौड़ाकोटी, इंद्र सिंह राना, कैलाश चंद्र चौड़ाकोटी, मंजू देवी, बृजमोहन, नवीन सिंह,लक्ष्मी देवी, मीरा देवी, खीमा देवी, ललिता देवी, माया देवी सहित तमाम महिलाएं और ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन