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तीन माह पहले ब्याही गई किरन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, गले में निशान
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मृतका किरन, फाइल फोटो
- फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। यहां एक नवविवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। उसका विवाह तीन माह पूर्व ही हुआ था। मृतका ने मौत से चंद घंटे पहले अपनी मां से फोन पर बात की थी। तब उसने अपने सुसराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मृतका के पति और सास के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद मृतका का शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
खेतीखान डिंग्डवाल के राजेंद्र सिंह बोहरा की बेटी किरन (21) का इस साल मार्च में लोहाघाट ब्लॉक के पाटन-पाटनी गांव के कुलदीप बिष्ट से विवाह हुआ था। कुलदीप चंपावत में जिला निर्वाचन कार्यालय में तैनात है। मृतका के पिता राजेंद्र सिंह बोहरा ने बताया कि शनिवार रात किरन ने अपनी मां से बात की। उस वक्त वह ठीक थी, लेकिन देर रात दामाद (कुलदीप बिष्ट) ने किरन की तबियत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाने की जानकारी दी। माता-पिता और परिजन फौरन खेतीखान से लोहाघाट उप जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन परिजनों के पहुंचने से पहले किरन की मौत हो चुकी थी। एमएस डॉ. जुनैद कमर ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही किरन ने दम तोड़ दिया था।
एसडीएम आरसी गौतम के निर्देश के बाद नायब तहसीलदार विजय गोस्वामी ने मृतका के पंचनामे की कार्यवाही कर शव पुलिस को सौंप दिया। चार सदस्यीय डॉक्टरों के पैनल (डॉ.जुनैद कमर, डॉ. मंजीत सिंह, डॉ. कीर्तिका, डॉ. कीर्ति) ने पोस्टमार्टम किया। एसओ ने बताया कि मृतका के गले पर निशान हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह का पता चल पाएगा। उन्होंने बताया कि किरन के पिता राजेंद्र सिंह बोहरा की तहरीर पर पति कुलदीप सिंह और सास हीरा देवी के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 बी और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मामला दर्ज कर लिया है। चंपावत के सीओ अशोक कुमार सिंह मामले की जांच करेंगे। बेटी की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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गले पर निशान से उठे कई सवाल
लोहाघाट (चंपावत)। शनिवार रात नौ बजकर 41 मिनट। बेटी किरन की अपनी मां से फोन पर बात हुई। दोनों ने एक दूसरे के हालचाल जाने और फिर घर-परिवार की कुशलक्षेम जानी। पांच मिनट से अधिक समय तक हुई बात के अंत में किरन ने पति और सास द्वारा बार-बार ताने देने की बात कही। कहा कि दोनों दहेज के लिए उसे तंग करते रहते हैं।
बात खत्म हुई और फिर आधी रात के समय 12 बजकर 40 मिनट पर किरन के पति कुलदीप बिष्ट ने खेतीखान ससुराल फोन किया। और इस फोन ने किरन के माता-पिता और परिजनों के पांव की जमीन खिसका दी। जिस बेटी से तीन घंटे पहले बात हुई, उसकी अचानक गंभीर हाल में होने की जानकारी मिली। एक बजकर 3 मिनट पर पुलिस से बेटी के दुनिया छोड़ने की जानकारी मिली। किरन के माता-पिता सहित पूरा परिवार खेतीखान गांव से लोहाघाट अस्पताल पहुंचा। मायके वालों का कहना है कि आखिरी बार फोन पर हुई बात में बेटी ने पूरी तरह तबियत ठीक होने की बात कही। मायके वालों ने दावा किया कि न तो बेटी बीमार थी न उसने बातचीत में किसी तरह की दूसरी परेशानी की जानकारी दी। वास्तव में मौत किस वजह से हुई है? इसकी जानकारी तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मिलेगी, लेकिन बेटी किरन के गले में लगे निशान पहेली बनी हुई है। परिजन इसे सीधे दहेज हत्या का मामला बता रहे हैं। वहीं कहा यह भी जा रहा है कि पति कुलदीप अक्सर नशे में भी रहता था।
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खेतीखान डिंग्डवाल के राजेंद्र सिंह बोहरा की बेटी किरन (21) का इस साल मार्च में लोहाघाट ब्लॉक के पाटन-पाटनी गांव के कुलदीप बिष्ट से विवाह हुआ था। कुलदीप चंपावत में जिला निर्वाचन कार्यालय में तैनात है। मृतका के पिता राजेंद्र सिंह बोहरा ने बताया कि शनिवार रात किरन ने अपनी मां से बात की। उस वक्त वह ठीक थी, लेकिन देर रात दामाद (कुलदीप बिष्ट) ने किरन की तबियत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाने की जानकारी दी। माता-पिता और परिजन फौरन खेतीखान से लोहाघाट उप जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन परिजनों के पहुंचने से पहले किरन की मौत हो चुकी थी। एमएस डॉ. जुनैद कमर ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही किरन ने दम तोड़ दिया था।
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एसडीएम आरसी गौतम के निर्देश के बाद नायब तहसीलदार विजय गोस्वामी ने मृतका के पंचनामे की कार्यवाही कर शव पुलिस को सौंप दिया। चार सदस्यीय डॉक्टरों के पैनल (डॉ.जुनैद कमर, डॉ. मंजीत सिंह, डॉ. कीर्तिका, डॉ. कीर्ति) ने पोस्टमार्टम किया। एसओ ने बताया कि मृतका के गले पर निशान हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह का पता चल पाएगा। उन्होंने बताया कि किरन के पिता राजेंद्र सिंह बोहरा की तहरीर पर पति कुलदीप सिंह और सास हीरा देवी के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 बी और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मामला दर्ज कर लिया है। चंपावत के सीओ अशोक कुमार सिंह मामले की जांच करेंगे। बेटी की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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गले पर निशान से उठे कई सवाल
लोहाघाट (चंपावत)। शनिवार रात नौ बजकर 41 मिनट। बेटी किरन की अपनी मां से फोन पर बात हुई। दोनों ने एक दूसरे के हालचाल जाने और फिर घर-परिवार की कुशलक्षेम जानी। पांच मिनट से अधिक समय तक हुई बात के अंत में किरन ने पति और सास द्वारा बार-बार ताने देने की बात कही। कहा कि दोनों दहेज के लिए उसे तंग करते रहते हैं।
बात खत्म हुई और फिर आधी रात के समय 12 बजकर 40 मिनट पर किरन के पति कुलदीप बिष्ट ने खेतीखान ससुराल फोन किया। और इस फोन ने किरन के माता-पिता और परिजनों के पांव की जमीन खिसका दी। जिस बेटी से तीन घंटे पहले बात हुई, उसकी अचानक गंभीर हाल में होने की जानकारी मिली। एक बजकर 3 मिनट पर पुलिस से बेटी के दुनिया छोड़ने की जानकारी मिली। किरन के माता-पिता सहित पूरा परिवार खेतीखान गांव से लोहाघाट अस्पताल पहुंचा। मायके वालों का कहना है कि आखिरी बार फोन पर हुई बात में बेटी ने पूरी तरह तबियत ठीक होने की बात कही। मायके वालों ने दावा किया कि न तो बेटी बीमार थी न उसने बातचीत में किसी तरह की दूसरी परेशानी की जानकारी दी। वास्तव में मौत किस वजह से हुई है? इसकी जानकारी तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मिलेगी, लेकिन बेटी किरन के गले में लगे निशान पहेली बनी हुई है। परिजन इसे सीधे दहेज हत्या का मामला बता रहे हैं। वहीं कहा यह भी जा रहा है कि पति कुलदीप अक्सर नशे में भी रहता था।

लोहाघाट जोड्या पाटन की किरन की संदिग्ध मौत के बाद विलाप करते परिजन।- फोटो : LOHAGHAT