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रेंगकर मां पूर्णागिरि के दर्शन को पहुंचा नानकमत्ता का शंकर
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 10 Apr 2016 10:40 PM IST
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रेंगकर मां पूर्णागिरि के दर्शन को पहुंचा नानकमत्ता का शंकर
- फोटो : अमर उजाला
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मां पूर्णागिरि के प्रति अटूट आस्था और श्रद्धा देखते ही बनती है। देवी मां सुख-समृद्धि देने के साथ ही मनोकामना भी पूरी करेगी यही इच्छा लेकर देश-विदेश से हर साल लाखों भक्त मां के दर्शन में पहुंचते हैं। नानकमत्ता का शंकर मंडल भी इसी तरह की कामना और मां के आदेश का पालन करते हुए रेंगकर पूर्णागिरि धाम पहुंचा है।
शंकर की बेटी ने बताया कि देवी ने स्वप्न में मौन व्रत रखकर जमीन पर रेंगकर दर्शन को आने का आदेश दिया तो उसके पिता 46 किमी की दूरी जमीन में रेंगकर दस दिन बाद रविवार को टनकपुर पहुंचे हैं। शंकर की 13 साल की बेटी पूर्णिमा मंडल भी देवी का डोला लेकर साथ पैदल चल रही है। उसने बताया कि परिवार में पिता के अलावा मां और वे छह भाई-बहन हैं। एक की भी शादी नहीं हुई है। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाला देवी का यह भक्त इसी तरह पूर्णागिरि धाम और फिर नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के बाद ही मौन व्रत तोड़ कर घर लौटेगा।
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शंकर की बेटी ने बताया कि देवी ने स्वप्न में मौन व्रत रखकर जमीन पर रेंगकर दर्शन को आने का आदेश दिया तो उसके पिता 46 किमी की दूरी जमीन में रेंगकर दस दिन बाद रविवार को टनकपुर पहुंचे हैं। शंकर की 13 साल की बेटी पूर्णिमा मंडल भी देवी का डोला लेकर साथ पैदल चल रही है। उसने बताया कि परिवार में पिता के अलावा मां और वे छह भाई-बहन हैं। एक की भी शादी नहीं हुई है। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाला देवी का यह भक्त इसी तरह पूर्णागिरि धाम और फिर नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के बाद ही मौन व्रत तोड़ कर घर लौटेगा।
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