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टीजे मार्ग के भ्रष्टाचार पर चुप नहीं बैठेंगे विधायक फर्त्याल
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लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल।
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के तीन दिनी सत्र में एक बार फिर टीजे (टनकपुर-जौलजीबी) सड़क के कथित भ्रष्टाचार के मामले की गूंज रहने की आहट है। लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने दावा किया कि टीजे सड़क के दूसरे पैकेज (चूका से रूपालीगाड़) में कई तरह की अनियमितताएं हुई हैं। भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले को वे विधानसभा सत्र के दौरान उठाएंगे।
फोन पर अमर उजाला से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेसराज में 2016 में टीजे सड़क के दूसरे पैकेज में हुई निविदा में कई स्तरों पर धांधली हुई थी। इसे लेकर उन्होंने पहले भी दो बार सदन में आवाज उठाई है और अब फिर वे 21 दिसंबर से शुरू होने वाले सत्र में इस मामले की सच्चाई तथ्यों के साथ उजागर करेंगे। वैसे निविदा में गड़बड़ी के आरोपों को आर्बिट्रेशन ने जून में खारिज करते हुए ठेकेदार को 7.64 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था। फर्त्याल का कहना है कि आर्बिट्रेशन के फैसले के खिलाफ अपील करने की सरकार से मांग की थी। आरोप लगाया कि जून में आए आर्बिट्रेशन के फैसले के बाद नए अनुबंध के बगैर सड़क में काम शुरू करा दिया गया है।
टीजे सड़क के दूसरे पैकेज में आर्बिट्रेशन ने इस साल जून में ठेकेदार को क्लीन चिट दी थी। जिसके बाद सरकार ने पुराने ठेकेदार को ही सड़क निर्माण के लिए अधिकृत किया था। विधायक इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र देने के अलावा सितंबर में भी सदन में उठा चुके हैं। सदन में मामले को उठाने के चलते उन्हें पार्टी ने कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। इसके अलावा फर्त्याल इसी माह के शुरू में देहरादून आए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी इस बावत पत्र दे चुके हैं।
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फोन पर अमर उजाला से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेसराज में 2016 में टीजे सड़क के दूसरे पैकेज में हुई निविदा में कई स्तरों पर धांधली हुई थी। इसे लेकर उन्होंने पहले भी दो बार सदन में आवाज उठाई है और अब फिर वे 21 दिसंबर से शुरू होने वाले सत्र में इस मामले की सच्चाई तथ्यों के साथ उजागर करेंगे। वैसे निविदा में गड़बड़ी के आरोपों को आर्बिट्रेशन ने जून में खारिज करते हुए ठेकेदार को 7.64 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था। फर्त्याल का कहना है कि आर्बिट्रेशन के फैसले के खिलाफ अपील करने की सरकार से मांग की थी। आरोप लगाया कि जून में आए आर्बिट्रेशन के फैसले के बाद नए अनुबंध के बगैर सड़क में काम शुरू करा दिया गया है।
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टीजे सड़क के दूसरे पैकेज में आर्बिट्रेशन ने इस साल जून में ठेकेदार को क्लीन चिट दी थी। जिसके बाद सरकार ने पुराने ठेकेदार को ही सड़क निर्माण के लिए अधिकृत किया था। विधायक इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र देने के अलावा सितंबर में भी सदन में उठा चुके हैं। सदन में मामले को उठाने के चलते उन्हें पार्टी ने कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। इसके अलावा फर्त्याल इसी माह के शुरू में देहरादून आए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी इस बावत पत्र दे चुके हैं।
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