खनिज भंडारण नीति में जल्द संशोधन की उम्मीद
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खनिज निकासी को लेकर एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने खनन विभाग और कारोबारियों की बैठक ली। कारोबारियों ने नई खनन नीति में खनिज भंडारण की शर्तों का विरोध करते हुए स्थानीय स्टाकिस्टों को भी खनिज भंडारण की अनुुमति देने की मांग उठाई। एसडीएम ने नीति के इस प्रावधान का शासन स्तर से शीघ्र समाधान निकलने की उम्मीद जताई है। वहीं वन निगम की खनन इकाई भी खनिज भंडारण के लिए टेंडर निकालने की तैयारी कर रही है।
गौरतलब है कि वन विभाग ने शारदा से खनिज निकासी एक दिसंबर से खोल दी है, लेकिन नई खनन नीति के तहत स्थानीय स्टाकिस्टों को खनिज भंडारण की अनुमति न दिए जाने से कारोबारी निकासी नहीं कर रहे हैं। मंगलवार को एसडीएम द्वारा बुलाई गई बैठक में खनन कारोबारियों ने साफ कहा कि स्थानीय स्टाकिस्टों को भंडारण की अनुमति न दिए जाने की दशा में खनिज की निकासी किसी भी सूरत में शुरू नहीं की जाएगी।
उन्होंने नदी के डाउन स्ट्रीम निकासी गेट में दो धर्मकांटा और अप स्ट्रीम के नायकगोठ निकासी गेट में एक धर्मकांटा और लगाने की मांग उठाई। वन निगम के खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि विभाग को पांच लाख घन मीटर खनिज भंडारण की अनुमति मिली है, जिसके लिए विभाग द्वारा पीपीपी मोड पर भंडारण के लिए जल्द टेंडर निकाला जा रहा है। खनन प्रभारी ने बताया कि 19 लाख घन मीटर के सापेक्ष 5 लाख घन मीटर तक खनिज निकासी हुई तो कांटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। बैठक में सीओ राजन सिंह रौतेला, एआरटीओ बीके सिंह, शक्तिमान ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष योगी ज्याल, सचिव जगदीश खर्कवाल, गजेंद्र पाल, स्टोन क्रेशर स्वामी अनुज अग्रवाल, जगदीश बिष्ट, कादिर अली, दीपक सिंह, महेश सिंह, रोश मोहन भट्ट, मोहन सिंह भंडारी आदि थे।